एक युवती 24 अप्रैल को ब्यूटी पार्लर गई थी। दोपहर में लौटते समय रास्ते से कार सवार छह युवकों ने असलहा सटाकर उसे अगवा कर लिया। इसके बाद गैंगरेप किया। दूसरे दिन परिवारीजन किसी तरह बेटी को छुड़ाकर घर लाए। थाने जाकर केस दर्ज करने को कहा तो पुलिस कर्मियों ने फटकार कर भगा दिया। पुलिस की कार्यशैली से आहत युवती ने बुधवार देर रात फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।
जरवलरोड थाना के एक मजरा निवासी 22 वर्षीय युवती 24 अप्रैल को जरवलरोड बाजार स्थित ब्यूटी पार्लर गई थी। दोपहर एक बजे जब वह घर लौट रही थी, तभी जरवलरोड चीनी मिल यार्ड के पास कार सवार छह युवकों ने असलहा सटाकर उसे अगवा कर लिया। अपहर्ता युवती को गोंडा ले गए। वहां गैंगरेप किया। घटना स्थल के आसपास लोगों से युवती के परिवारीजनों को सूचना मिली तो सभी सकते में आ गए।
किसी तरह उसे अपहर्ताओं के चंगुल से मुक्त कराया। घर वाले मंगलवार देर शाम युवती को लेकर थाने पहुंचे। लेकिन पुलिस ने केस दर्ज करने के बजाए डांटकर कर थाने से भगा दिया। सुलह समझौते पर हस्ताक्षर करवा लिए। इससे युवती काफी हतोत्साहित हुई। उसने बुधवार सुबह फिर थाने पर मोबाइल से सूचना देकर कार्रवाई की गुहार लगाई। लेकिन पुलिस ने उसे अनसुना कर दिया।
इससे आहत युवती बुधवार रात 8:45 बजे के आसपास अहाता में जाने के लिए घर से निकली। कुछ देर बाद मवेशियों को चारा देने के लिए पिता अहाते में गए तो वहां युवती का शव फंदे से लटक रहा था। सूचना जरवलरोड पुलिस को मिली तो पुलिसकर्मी भी सकते में आ गए। जरवलरोड थाने के प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह का कहना है कि उन्हें युवती के गैंगरेप की जानकारी नहीं है। परिवारीजन पुलिस पर झूठ बोलने का आरोप लगा रहे हैं। युवती के आत्महत्या की सूचना मिलने के बाद एसओ टीम के साथ गांव रवाना हो गए।