मोक्षद्वार इंटर कॉलेज कुरसहा के पूर्व प्रधानाचार्य ने डीआईओएस और उनके स्टेनो समेत 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। पूर्व प्रधानाचार्य ने पुलिस को दी तहरीर में सहायक शिक्षक पद पर हुई चार नियुक्तियों में धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पुलिस ने गुरुवार को केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
विशेश्वरगंज थाना अंतर्गत मोक्षद्वार इंटर कॉलेज कुरसहा में प्रधानाचार्य की कुर्सी को लेकर उठापटक चल रही है। कुछ समय पहले प्रवक्ता सुरेशचंद्र पाठक को प्रधानाचार्य पद का चार्ज दिया गया था। इसके बाद कई शिक्षकों ने गलत नियुक्ति होने का आरोप लगा विरोध किया। इसके अलावा इसी समय सहायक अध्यापकों के पद पर फर्जी नियुक्तियों का मामला भी उछला।
इस पर बीते माह जिलाधिकारी ने विद्यालय के वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। कोषाधिकारी ने डीएम के आदेश पर वेतन रोक दिया था। इसके चलते आनन-फानन में बीते सप्ताह प्रबंध समिति ने सुरेश चंद्र पाठक को प्रधानाचार्य पद से हटा दिया और प्रभार प्रवक्ता जगतराम वर्मा को सौंप दिया।
इस पर सुरेशचंद्र पाठक ने सहायक शिक्षकों की नियुक्ति में हुए फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ करते हुए गुरुवार को विशेश्वरगंज थाने पहुंचकर तहरीर दी। इसमें जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र कुमार पांडेय, स्टेनो हरेंद्र सिंह, विद्यालय के प्रबंधक समीर बहादुर पाठक समेत 10 लोगों पर फर्जी तरीके से चार शिक्षकों की नियुक्ति करने का आरोप लगाया।
पूर्व प्रधानाचार्य सुरेश ने तहरीर में कहा है कि कमलेश पाठक, नरेंद्र पाठक, महेंद्र मिश्र और आनंद पाठक को सहायक शिक्षक पद के लिए नियुक्ति पत्र फरवरी में जारी किया गया। यह चारों युवक जॉइनिंग के लिए जुलाई में विद्यालय पहुंचे। शक होने पर अभिलेखों की जांच शुरू की तो फर्जीवाड़े का पता चला।
थानाध्यक्ष श्रीनाथ यादव ने बताया कि विद्यालय में नियुक्ति का मामला छह माह पुराना है। उस समय सुरेशचंद्र पाठक प्रधानाचार्य के पद पर तैनात थे। पूर्व प्रधानाचार्य के पास कुछ अभिलेख थे। मामले में डीआईओएस, स्टेनो समेत 10 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। विवेचना उपनिरीक्षक रामसेवक मिश्रा को सौंपी गई है।