हत्या मामले की जांच करती पुलिस
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दहेज की खातिर पत्नी को तीन माह पहले तीन तलाक देने के बाद पति उससे फिर निकाह के लिए राजी हुआ। इसके लिए महिला को हलाला की प्रक्रिया से भी गुजरना पड़ा। लेकिन दोबारा निकाह के बाद फिर दहेज के दानव ने सिर उठाया और आखिर में पत्नी की जलाकर हत्या कर दी गई। मृतका के पिता की तहरीर पर पति, सास व ससुर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है।
यह दर्दनाक दास्तां है कोतवाली नानपारा क्षेत्र के तकिया सरैंया गांव की साकिया की। माते ने बेटी साकिया (22) का निकाह तीन साल पहले राजन के साथ किया था। निकाह के बाद से ही साकिया की दहेज प्रताड़ना शुरू हो गई। 50 हजार रुपये, महाराजा बेड और कलर टीवी की मांग की जा रही थी।
इसी के चलते तीन माह पूर्व राजन पुत्र नियामत ने साकिया को तीन बार तलाक दे दिया और मारपीट कर घर से भगा दिया। साकिया के मायके पक्ष की मिन्नतों व मौलवी और उलमा के दबाव के बाद राजन फिर से निकाह के लिए तैयार हुआ। दो जून को गांव में मौलवी और उलमा की पंचायत में शपथ पत्र पर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के साथ जिंदगी निभाने का इकरारनामा लिखा। उसी दिन दूसरी बार निकाह करवा दिया गया।
साकिया ससुराल पहुंची, लेकिन फिर दहेज के लिए उसको सताने का सिलसिला शुरू हो गया। शनिवार की रात ससुरालियों ने साकिया की लाठियों से पिटाई कर उसे जिंदा जला दिया। ग्रामीणों की सूचना पर साकिया के मायके के लोग मौके पर पहुंचे तो वह आग की लपटों से घिरी हुई थी। जबकि ससुराली जन फरार हो चुके थे। मौके पर ही साकिया ने दम तोड़ दिया। प्रभारी निरीक्षक आलोक राव ने बताया कि मृतका के पिता माते की तहरीर पर पति राजन, ससुर नियामत व सास साकरुन के खिलाफ हत्या का केस केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
अप्रैल में राजन ने दो बार तलाक बोला था। कुछ दिन बाद ही तीसरी बार भी तलाक बोल दिया, जिससे शादी टूट गई। ससुराल का दबाव पड़ने के बाद साकिया को हलाला की परंपरा से भी गुजरना पड़ा।
उप जिलाधिकारी एसपी शुक्ला के निर्देश पर नायब तहसीलदार हरिश्चंद्र ने साकिया के पिता माते समेत परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए हैं। सभी ने उसे जिंदा जलाने का बयान दिया है। इस दौरान पुलिस क्षेत्राधिकारी नानपारा एसके यादव और प्रभारी निरीक्षक आलोक राव भी मौजूद रहे।