दो विवाहिताओं की मंगलवार भोर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पहली घटना विशेश्वरगंज में हुई। यहां एक विवाहिता का शव उसके कमरे में मिला। गले पर दबाव के निशान हैं। पिता ने दामाद समेत पांच लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज कराया है।
उधर हरदी थाना क्षेत्र में भी एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। अभी इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं हुआ है। विशेश्वरगंज की घटना के मामले में एएसपी ने मौका मुआयना किया है।
विशेश्वरगंज थाना अंतर्गत अमराई गांव निवासी आरती देवी (22) पत्नी चंद्रभान का विवाह वर्ष 2014 में हुआ था। आरती का मायका गोंडा जिले के इटियाथोक करमडीह बेलवा गांव में है। पति पंजाब के लुधियाना में नौकरी करता है। आरती घर पर सास, दो देवर व ननद के साथ रहती थी।
सोमवार को आरती को विदा कराने के लिए उसका भतीजा महेश घर आया था लेकिन सास ने इंकार कर दिया। मंगलवार भोर में ससुराल वालों ने आरती के मौत की सूचना मायके को दी। इस पर पिता रामजस चतुर्वेदी परिवार के लोगों के साथ बेटी के ससुराल पहुंचे। यहां पर उसका शव घर के आंगन में पड़ा था।
मृतका के पिता रामजस ने थाने पर दी गई तहरीर में ससुराल के लोगों पर आरोप लगाया है कि बेटी को दहेज के लिए अरसे से प्रताड़ित किया जा रहा था। बाइक, सोने की जंजीर और एक लाख रुपये नकदी की डिमांड हो रही थी। उसी के चलते हत्या की गई है।
पिता की तहरीर पर पुलिस ने पति चंद्रभान, देवर अरुण कुमार, तरुण कुमार, सास सीता देवी, ननद सरिता को नामजद करते हुए केस दर्ज किया है।
उधर हरदी थाना अंतर्गत बहोरिकापुर गांव निवासी हरिद्वार ने अपनी बेटी शिल्पी (20) का विवाह बीते महीने 10 मार्च को थाना क्षेत्र के नथुआपुर शुक्लनपुरवा निवासी शिवाकांत के साथ किया था। 11 मार्च को गौने की रस्म पूरी की गई थी। ससुराल में मंगलवार रात शिल्पी ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहर खा लिया।