मोतीपुर क्षेत्र में जंगल से सटे परवानी गौढ़ी गांव में कोटे से लाए गए गेहूं की रोटियां खाने के बाद पिता-पुत्री की मौत हो गई। एक महिला को उल्टी-दस्त के बाद गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। महिला के मुताबिक कोटे का गेहूं खाने के बाद परिवार की तबियत बिगड़ी है।
दूसरी तरफ ग्रामीण जहरीली शराब पीने से तबियत बिगड़ने की बात कह रहे हैं। फिलहाल एसपी ने फूड पॉयजनिंग की बात कहते हुए कोटेदार को हिरासत में ले लिया है। दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। कोटेदार से पूछताछ की जा रही है।
यह घटना परवानी गौढ़ी निवासी बदलूराम के परिवार में हुई। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार मजदूरी करता है। बदलू की पत्नी रामदुलारी (40) गांव के कोटेदार फूलचंद से गत मंगलवार को गेहूं और चावल लेकर घर आयी थी। रामदुलारी का कहना है कि उसने गेहूं को पिसने के लिए दिया था। उसे आटे से सोमवार दोपहर बाद उसने रोटी बनाई।
इसके अलावा प्याज और धनिया की चटनी लेकर परिवार के साथ सूखी लकड़ी बीनने जंगल चली गई। रामदुलारी के साथ उसका पति बदलू व पुत्री ननकई (15) भी थी। शाम पांच बजे के करीब जंगल में सभी ने भोजन किया। आधे घंटे बाद उनकी तबियत बिगड़ने लगी। उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हो गई।
इस पर रामदुलारी घर की ओर भागी लेकिन उसके पति बदलू और पुत्री ननकई गंभीर होने के चलते चल नहीं सके। मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। गांव के लोगों ने सूचना थाने पर दी। पुलिस ने एंबुलेंस से रामदुलारी को जिला अस्पताल पहुंचाया। जंगल में पिता-पुत्री मृत मिले। उनके शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।
एसपी सालिकराम वर्मा का कहना है कि जिला अस्पताल पहुंची महिला रामदुलारी का बयान दर्ज किया गया है। फूड प्वाइजनिंग के चलते उसके पति व बेटी की मौत हुई है। कोटेदार फूलचंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। दूसरी तरफ ग्रामीणों का कहना है कि जहरीली शराब के सेवन से पिता-पुत्री ने दम तोड़ा है।