बहराइच। मैलानी-गोंडा प्रखंड पर कतर्नियाघाट के जंगल में गुरुवार रात एक मादा मगरमच्छ की गोकुल एक्सप्रेस ट्रेन से कटकर मौत हो गई।
वन विभाग ने मगरमच्छ के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। इस मामले में उच्चाधिकारियों को भी पत्र लिखा गया है।
कतर्नियाघाट के घने जंगलों से होकर मैलानी-गोंडा प्रखंड की रेल लाइन गुजरती है। लगभग 60 किलोमीटर परिक्षेत्र में जंगल है। कैलाशपुरी के पास ही गेरुआ और कौड़ियाला नदी भी बहती हैं।
इस नदी से एक मादा मगरमच्छ निकलकर गुरुवार देर रात रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया। देर रात गोंडा से चलकर कासगंज जाने वाली गोकुल एक्सप्रेस ट्रेन आ गई। चपेट में आए मगरमच्छ की कटकर मौत हो गई।
सुबह वनकर्मी जब गश्त करते हुए निकले तो मगरमच्छ का शव देखकर सकते में आ गए। तत्काल रेंज कार्यालय पर सूचना दी गई। डीएफओ आशीष तिवारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
डीएफओ ने बताया कि मगरमच्छ के शव को रेंज कार्यालय लाकर तीन डॉक्टरों द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया है। उन्होंने कहा कि मगरमच्छ लगभग चार फीट लंबा था। उम्र भी लगभग पांच वर्ष रही होगी, जबकि वजन 20 किलो आंका गया है।