फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चरस तस्करों को 10 व 12 वर्ष की सश्रम सजा

Wed, 22 Jun 2016 11:00 PM IST
Amar ujala Bureau
विज्ञापन
अदालत का फैसला
विज्ञापन
अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय ने बुधवार को चरस तस्करी के दो आरोपियों को दोषसिद्ध करार देते हुए अलग-अलग सजा सुनाई। एक आरोपी को 12 वर्ष कैद व सवा लाख रुपये जुर्माना से दंडित किया गया। जबकि दूसरे को 10 वर्ष कैद व एक लाख रुपये जुर्माने की सजा मिली।
विज्ञापन


जुर्माना अदा न करने पर दोनों को एक वर्ष व छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सुजौली थाने की पुलिस ने 28 फरवरी 1993 को चफरिया चौक के पास बस का इंतजार कर रहे दो लोगों को पकड़ा था। उनकी पहचान कारीकोट भट्ठापुरवा निवासी ठकुरी पुत्र मैकूलाल चौैहान व बूधन पुत्र रामबली चौहान के रूप में हुई।

ठकुरी के पास से 6.5 किलो व बूधन के पास से 3.5 किलो चरस बरामद हुई थी। चरस की ये खेप दोनों जिले से बाहर ले जाने की फिराक में थे। चरस को सीज कर आरोपियों को जेल भेजा गया था। इसी मामले में बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय नंद प्रताप ओझा के न्यायालय में सुनवाई हुई।
विज्ञापन


प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता संतप्रताप सिंह व आरोपियों के वकीलों ने बहस की। बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने आरोपी ठकुरी को 12 वर्ष सश्रम कारावास और 1.25 लाख रुपये जुर्माना से दंडित किया है। जुर्माना अदा न करने पर ठकुरी को एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। बूधन को 10 वर्ष के सश्रम कारावास व एक लाख रुपया जुर्माना से दंडित किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें