जेठ-जेठानी ने रविवार सुबह एक विवाहिता को आग के हवाले कर दिया। चीख-पुकार मचने पर पड़ोसियों ने उसे आग से बचाया लेकिन वह सौ फीसदी झुलस चुकी है। पति ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया है। खैरीघाट थाने को सूचित किया गया है।
खैरीघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत बांसगढ़ी टेपरा गांव निवासी रज्जाक अली ने तीन माह पूर्व बेटी अजमेरुल (18) का निकाह इसी थाना क्षेत्र के लोधनपुरवा गांव निवासी अली अकबर के साथ किया था। रविवार सुबह करीब सात बजे अली अकबर मजदूरी करने के लिए शिवपुर चला गया। दो घंटे बाद उसे पत्नी के झुलसने की सूचना मिली। वह आननफानन में घर पहुंचा और ससुर रज्जाक को खबर कर अजमेरुल को जिला अस्पताल पहुंचाया। सर्जन डॉ आरके बसंत का कहना है कि अजमेरुल करीब 100 फीसदी झुलसी है।
अली ने भाई जाकिर, शब्बीर और भाभी आमना खातून व सहरुना व भतीजी खैरुलनिशा पर मारने-पीटने व जलाने का आरोप लगाया है। उसका कहना कि ये सभी नहीं चाहते हैं कि पत्नी अजमेरुल घर पर रहे। हिस्से में मिली चार बीघा जमीन व मकान के लालच की खातिर इस वारदात को अंजाम दिया गया है। शनिवार को भी इन लोगों ने अजमेरुल को मारा पीटा था। उसने पड़ोसी के घर भागकर जान बचाई थी। देर शाम जब मजदूरी कर घर लौटा तो उसे पड़ोसी के यहां से घर लाया था।