धर्मापुर तेलवा गांव निवासी एक ग्रामीण ने बेटे की चाहत में पड़ोसी गांव से अपना दूसरा रिश्ता तय किया था। बुधवार को स्थानीय मंदिर में शादी रचाई थी। शुक्रवार रात को दूल्हन ने परंपरा के मुताबिक गुलगुला और अन्य पकवान बनाए लेकिन उसमें नशीला पदार्थ मिला दिया। इससे सभी बेहोश हो गए और दूल्हन रात में ही सारा कीमती सामान समेटकर चंपत हो गई। वहीं बेहोश परिवारीजनों की तबियत आधी रात को बिगड़ गई। सभी को उल्टियां शुरू हो गईं। भोर में पड़ोसियों को जानकारी हुई तब हड़कंप मचा। आनन-फानन में सभी को पीएचसी बौंडी पहुंचाया गया। वहां प्रथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने दूल्हे और उसकी मां समेत सभी परिवारजनों की तबियत नाजुक देखकर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। भोजन का नमूना लेकर उसे परीक्षण के लिए भेजा गया है।
महसी तहसील के बौंडी थाना अंतर्गत ग्राम धर्मापुर तेलवा निवासी 50 वर्षीय पहलवान पुत्र सूर्यलाल काफी संपन्न हैं। घर में मां रामप्यारी, पत्नी ननकई और बेटी सलोनी है। परिवार में बेटा न होने के चलते पहलवान काफी परेशान रहता था। उसने मां और पत्नी से बात करने के बाद दूसरी शादी करने का निर्णय लिया। उसी के चलते पड़ोसी गांव दुलम्हा निवासी रामखेलावन से बातचीत की। रामखेलावन ने अपने रिश्ते की एक महिला से शादी कराने की बात कही। इसके लिए 70 हजार की डिमांड की। बातचीत के दौरान 55 हजार पर मामला तय हुआ। बुधवार को बलरामपुर निवासी 32 वर्षीय लक्ष्मी नाम की महिला को रामखेलावन साथ लेकर पहलवान के घर पहुंचा।
उसी दिन मंदिर में पहलवान और लक्ष्मी ने शादी की। शुक्रवार को पहलवान की मां रामप्यारी ने परंपरा के तहत नई बहू लक्ष्मी से गुलगुला और अन्य पकवान बनाने को कहा। लक्ष्मी ने खाना और पकवान बनाया तो उसमे तेज नशीली दवा मिला दी। खाना खाने के बाद परिवार के लोग बेहोश हो गए। इस मौके का फायदा उठाकर लक्ष्मी घर में रखा लगभग 20 हजार रुपया नगदी, दो लाख से अधिक सोने चांदी के जेवरात और अन्य कीमती सामान समेट कर चंपत हो गई।