रुपईडीहा (बहराइच)। बांके में अलग मद्धेशी राज्य बनाने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने कई जगह बवाल किया। इस दौरान पुलिस लाठीचार्ज में कई प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं।
वहीं, विरोध में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें छह पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। बांके के जिलाधिकारी ने बताया कि तनाव के मद्देनजर नेपालगंज के बांके, बर्दिया समेत भारतीय सीमा से सटे अन्य प्रदर्शन प्रभावित जिलों में नेपाल सरकार ने सेना तैनात कर दी है।
नेपाल के बांके में सोमवार को आंदोलनकारियों ने मौन जुलूस निकाला। रास्ते में कई जगह टायर जलाकर ट्रैफिक रोक दिया।
धंबोजी चौक की तरफ बढ़ रहे आंदोलनकारियों के न रुकने पर नेपाल पुलिस ने लाठियां बरसा दीं। विरोध में प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया।
इस संघर्ष में नेपाल संयुक्त मोर्चा के संयोजक पूर्व मंत्री मोहम्मद इश्तियाक राई, कामता सोनकर, कौशल किशोर मिश्रा, संध्या देव समेत लगभग 25 लोग घायल हो गए।
उधर, जवाबी पथराव में नेपाली पुलिस के छह जवान जख्मी हुए हैं। संघर्ष और बढ़ रहे आंदोलन को देखते हुए जिला बांके मेें निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
बांके जिलाधिकारी वेद प्रकाश लेखक ने बताया कि स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद निषेधाज्ञा का निर्णय लिया गया।
निषेधाज्ञा के दौरान किसी को आंदोलन, आम सभा, जुलूस, धरना-प्रर्दशन पर पूर्णरूप से रोक है। स्कूल, कॉलेज खोलने, यात्री वाहन प्रचालन पर छूट है। इसके विरोध में आंदोलनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।
बांके के जिलाधिकारी वेद प्रकाश ने बताया कि संघर्ष के मद्देनजर नेपालगंज, बांके समेत भारतीय सीमा से सटे अन्य जिलों में नेपाल सरकार ने सेना तैनात कर दी है।
वहीं, निषेधाज्ञा के बाद भी नेपाल में मद्धेशी, थारू व तराई के लोगों को जनसंख्या के आधार पर अधिकार की मांग को लेकर जगह-जगह संघर्ष व आंदोलन जारी है।