अमवा मौलवी गांव में वर्ष 2013 में हुई किसान की हत्या के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को सोमवार भोर पुलिस ने शंकरपुर चौराहे के पास दबोच लिया। इन पर पुलिस ने इनाम घोषित किया था। दोनों को कोर्ट में पेश करके पुलिस ने जेल भेज दिया है।
नानपारा के प्रभारी निरीक्षक आलोक राव ने बताया कि अमवा मौलवी गांव निवासी नूर आलम की 22 नवंबर 2013 को रंजिश के चलते हत्या कर दी गई थी। उसके भाई मोहम्मद उमर ने केस दर्ज कराया था। जांच के दौरान चार लोगों के नाम सामने आए थे।
मामले में नामजद बड़कऊ उर्फ मोहम्मद अली व कमरुद्दीन को घटना के कुछ दिन बाद ही गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जबकि हत्या आरोपी अली नकी पुत्र जमालुद्दीन व कालिया उर्फ दिलबहार फरार चल रहे थे। इन दोनों पर साल भर पहले एसपी ने पांच-पांच हजार रुपये इनाम घोषित किया था।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि सोमवार भोर दोनों आरोपियों के शंकरपुर चौराहे पर होने की सूचना मिली। इस पर उपनिरीक्षक उमेश यादव, कांस्टेबिल संदीप, जितेंद्र व रावत यादव के साथ घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया। पकड़े गए अली और कालिया ने रंजिश के चलते नूर आलम की हत्या में शामिल होने की बात कबूली है। दोनों आरोपियों को जेल भेजा गया है।