बहराइच। अग्निकांड से तबाही का दौर बढ़ता जा रहा है। सोमवार को कैसरगंज व महसी क्षेत्र में चिंगारी से चार गांवों में 80 आशियाने राख की ढेर में तब्दील हो गए। आठ मवेशी जिंदा जल गए।
हादसों में 40 लाख से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है। लगभग 550 लोग खुले आसमान तले गुजर बसर करने को मजबूर हो गए हैं। क्षेत्रीय लेखपाल ने मुआयना कर रिपोर्ट तहसील को भेजी है। फिलहाल, पीड़ित खुले आसमान तले गुजर-बसर कर रहे हैं।
कैसरगंज तहसील अंतर्गत विषैंधा गांव में सोमवार दोपहर अचानक लगी आग से अफरातफरी मच गई। गांव निवासी मुन्नी लाल की बेटी आरती की शादी के लिए पकवान बनाए जा रहे थे। इसी दौरान लपटों ने फूस के मकान को पकड़ लिया।
लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन पछुआ हवा ने गांव निवासी दिनेश, सावित्री, प्रेमचंद्र, मुनीश, भगौती, जसवंत, कमलेश, चंद्रिका, ममता, भारत, जगदीश, सुंदर, महेश, रामसरन, बालकराम, केशवराम, ननकऊ, कुन्ना और बड़ेलाल समेत 40 मकानों को आगोश में ले लिया।
ग्रामीणों ने काफी मशक्कत की लेकिन गृहस्थी नहीं बचा सके। इसी तहसील क्षेत्र के हुजूरपुर थाना अंतर्गत सहेली गांव में 20 मकान आग की भेंट चढ़े हैं। यहां देवीदीन के घरों में बंधे आठ मवेशी झुलसकर जिंदा जल गए।
इनमें एक गाय, भैंस, पांच बकरियां व पाड़ा शामिल हैं। विषैंधा गांव में तहसीलदार डॉ. उमाशंकर त्रिपाठी ने मुआयना किया है। उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान रामरूप को अगिभनकांड पीड़ितों को भोजन का इंतजाम कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उधर, महसी तहसील के खैरीघाट थाना क्षेत्र में हसमतपुरवा बल्दूपुर में 17 और पहलवानपुरवा चौकसाहार में सात मकान जले हैं। सभी स्थानों पर क्षेत्रीय लेखपाल ने पहुंचकर क्षति का आंकलन किया है।
ग्राम प्रधान व सपा नेता ने आरती की शादी की ली जिम्मेदारी
कैसरगंज के विषैंधा गांव में सोमवार को ही मुन्नीलाल की बेटी आरती का विवाह था। बारात मदारपुर धनसरी जरवल से आई। लपटों में सब कुछ जलने के बाद आरती के माता-पिता की हालत अर्द्धविक्षिप्तों जैसी हो गई।
सूचना पाकर सपा नेता प्रदीप यादव और ग्राम प्रधान रामरूप ने मौके पर पहुंचकर आरती की शादी का जिम्मा लिया। यह भी कहा कि शादी सोमवार को ही निर्धारित कार्यक्रम के तहत होगी। बारातियों के स्वागत और विदाई में कोर-कसर नहीं होने दी जाएगी।