फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

62 कछुए बरामद, दो गिरफ्तार

Thu, 02 Jun 2016 10:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
कछुए समेत ‌बंदी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
तराई में नदी, तालाब और झील से कछुओं का शिकार हो रहा है। कछुओं को तस्करी कर पश्चिम बंगाल व खाड़ी देशों में भेजा जाता है। यह खुलासा संरक्षित वन क्षेत्र से सटे एक ढाबे पर छापेमारी के दौरान 62 कछुओं के साथ पकड़े गए दो तस्करों से पूछताछ में हुआ।
विज्ञापन


बरामद कुछओं में चार मृत व 58 जिंदा हैं। जीवित कछुओं को वन विभाग ने नदियों में छोड़ दिया है। तस्करी में ढाबा संचालक पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया गया है।कतर्नियाघाट संरक्षित वन प्रभाग के ककरहा रेंज में ग्राम गूढ़ के निकट नानपारा-लखीमपुर मार्ग के एक ढाबे पर कछुओं की बड़ी खेप होने की सूचना वन विभाग को मिली।

इस पर डीएफओ आशीष तिवारी ने ककरहा रेंज के वन कर्मियों की टीम गठित कर छापेमारी के निर्देश दिए। बुधवार देर रात टीम ने गूढ़ चौराहे के निकट पेट्रोल पंप के पास रामजियावन के ढाबे की तलाशी ली। एक बोरी में बांधकर रखे गए 62 कछुए बरामद हुए।
विज्ञापन


मौके पर पहुंचे ढाबा संचालक रामजियावन ने टीम को भगाने की कोशिश की। डीएफओ के मुताबिक ढाबे पर कछुए तस्करी के उद्देश्य से छिपाकर रखे गए थे। इसके चलते रामजियावन व उसके पिता मुरली को गिरफ्तार कर लिया गया। बरामद 62 कछुओं में से 58 जिंदा थे।

उन्हें कतर्नियाघाट के महादेवा ताल में छोड़ा गया। डीएफओ ने बताया कि पूछताछ के दौरान पता चला है कि कछुओं की खेप ट्रक पर छिपाकर पश्चिम बंगाल भेजे जाने की तैयारी थी। 

टर्टल सरवाइवल एलायंस के परियोजना समन्वयक भास्कर दीक्षित के मुताबिक कछुओं की डिमांड पश्चिम बंगाल, चीन व खाड़ी देश में अधिक है। तराई से उनकी तस्करी होती है। तंत्र-मंत्र के अलावा कछुओं का प्रयोग उत्तेजनात्मक दवाओं के निर्माण में होता है। इसके अलावा कछुए के चिप्स से जैकेट व सजावटी सामान भी बनाए जाते हैं। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें