बहराइच/मटेराचौराहा। समायोजन रद्द करने और प्रदेश सरकार की ओर से कोई समुचित समाधान न निकालने से क्षुब्ध शिक्षामित्र अब अपनी जिंदगी को दांव पर लगाने लगे हैं। उनके परिवारीजन भविष्य को लेकर परेशान हैं। शुक्रवार को एक शिक्षामित्र ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की। वहीं दूसरे शिक्षामित्र के पिता की सदमे से मौत हो गई। दोनों घरों में कोहराम मचा हुआ है।
कोतवाली नानपारा अंतर्गत असवा मोहम्मदपुर गांव निवासी शिक्षामित्र विद्याप्रसाद (38) पुत्र मोतीलाल की तैनाती सहायक अध्यापक के पद पर प्राथमिक विद्यालय अहिरन पिपरिया में थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट से समायारेजन रद्द होने के बाद से वह आहत था। दो दिन पूर्व सरकार ने दस हजार रुपये मानदेय का फैसला सुनाया तो उससे भी समुचित राहत नहीं मिली। इससे क्षुब्ध होकर उसने रात में गेहूं में डालने वाला दस ऐंपुल तोड़कर एक साथ पी लिया। हालत बिगड़ने पर परिवारजनों को पता चला तो उसे आननफानन रिसिया सीएचसी में भर्ती गराया गया। स्थिति काफी नाजुक है। नानपारा पुलिस ने पहुंचकर बयान दर्ज किया। उधर मोतीपुर थाना अंतर्गत शिक्षामित्र संघ के ब्लॉक संरक्षक बलहा राजेश सोनी के पिता भी कोर्ट और सरकार के निर्णय के बाद बेटे के भविष्य को लेकर चिंतित थे। शुक्रवार सुबह उनके सीने में असहनीय दर्द हुआ। परिवार के लोग जब अस्पताल ले जा रहे थे तभी मौत हो गई। वह बहू सुमन रस्तोगी का समायोजन रद्द होने से अवसाद ग्रस्त थे। सूचना पाकर बलहा ब्लॉक अध्यक्ष रिजवान अली, नंदराम, रामशनेही, मोईनुद्दीन खां, सुरेश, मुजीब आदि ने पहुंचकर परिवारीजनों को ढांढस बंधाया। ब्लॉक अध्यक्ष बलहा ने बताया कि उन्होंने बीएसए डॉ. अमरकांत सिंह व मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अवगत कराया है कि राजेश सोनी के पिता सरकार के निर्णय से अवसाद ग्रस्त चल रहे थे। जिसके चलते उनकी मौत हो गई।