झाड़-फूंक का चक्कर चलाकर कथित धर्मगुरु ने एक परिवार से हवन पूजन के नाम 20 हजार रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित महिला ने इसका विरोध किया तो उसने परिवारीजनों को भड़काना शुरू कर दिया। शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर महिला ने बीते दो सितंबर को आत्महत्या की कोशिश की।
बेटी की सजगता से उसकी जान बच गई। पीड़िता ने कथित धर्मगुरु पर बंधक बनाने का प्रयास व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते एएसपी को पत्र सौंपा है। शहर के कानूनगोपुरा दक्षिणी मोहल्ला निवासी चरनजीत कौर का परिवार कथित धर्मगुरु कलजीत कौर के होने वाले समागम में हर रविवार को पहुंचता था।
एक वर्ष पूर्व से सास की जिद पर चरनजीत भी समागम में जाने लगी। कुछ दिन बाद कलजीत कौर चरनजीत पर भूत प्रेत की साया बताकर उसके परिवार वालों को भड़काने लगी। आरोप है कि कलजीत कौर ने परिवार से हवन पूजन के लिए 20 हजार रुपये ऐंठ लिए।
पूजा में शामिल होने से मना करने पर कलजीत कौर पर कई तरह के लांक्षन लगाए। इतना ही नहीं बल्कि दो सितंबर को समागम में कलजीत कौर उसे चिमटा उठाकर मारने दौड़ी और अभद्र व्यवहार किया। बाद में चरनजीत को आश्रम में बंधक बना लिया और जान से मारने की धमकी दी।
पीड़िता की बड़ी बेटी ने बरेली निवासी मामा मनजीत सिंह को पूरे मामले की जानकारी दी। मनजीत शनिवार को बहराइच पहुंच गया। उसने चरनजीत के साथ एएसपी दिनेश त्रिपाठी से कलजीत कौर के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने व आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए शिकायत की है।
बसंतापुर गांव में कलजीत कौर पत्नी हरजिंदर सिंह का आश्रम है। कलजीत अपने को ईश्वर का अवतार बताती है। हर रविवार को वह आश्रम में दोपहर एक से तीन बजे तक समागम का आयोजन करती है।
पीड़िता के भाई मनजीत ने कथित धर्मगुरु कलजीत कौर से फोन पर बात की। इस दौरान कलजीत भड़क गई। उसने मनजीत व उसके परिवार को नतीजा भुगतने की धमकी दी। इसके बाद कलजीत के सेवकदार धर्मेंद्र ने फोन ले लिया और वह बात करने लगा। धर्मेंद्र ने बताया कि कलजीत से आश्रम आकर माफी मांग लोगे तो बच जाओगे। मनजीत ने बताया कि उसने बातचीत की रिकॉर्डिंग की है।
पीड़िता चरनजीत का कहना है कि समागम में करीब पांच सौ लोग आते हैं। कलजीत कौर असाध्य रोगों को दूर करने व भूत प्रेत के साया हटाने का दावा करती है। इस दौरान लोगों को वह चिमटे से मारती हैं। हवन पूजन के नाम पर हजारों रुपये लोगों से ऐंठे जाते हैं।