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बिना पौधरोपण के ही 72 लाख डकारने का आरोप

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गायघाट (बहराइच)। मिहींपुरवा विकास खंड के गांवों में आम, नीम, नीबू व अन्य पौधों के रोपण के लिए 72 लाख रुपये निकाल लिए गए। जबकि पौधरोपण नहीं हुआ। इतना ही नहीं मोतीपुर ग्राम पंचायत के अपात्र 13 ग्रामीणों को आवास भी आवंटित कर दिया है। इसकी जानकारी होने पर पूर्व ब्लाक प्रमुख व जिला पंचायत सदस्य ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर संबंधित ग्राम विकास अधिकारियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
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मिहींपुरवा खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मोतीपुर, नैनिहा, कुड़वा, गंगापुर, मधवापुर, हरखापुर समेत कई गांवों में बागवानी के नाम पर कागजों में दो वर्षों में पौधरोपण कराया गया। इनमें आम, नीम, नीबू व अन्य पौध शामिल हैं। लेकिन जमीन पर एक भी पौधे नहीं लगे हुए हैं। आरोप है कि बागवानी योजना के तहत फलदार और छायादार पौधरोपित करने के नाम पर इन ग्राम पंचायतों में तैनात अधिकारियों ने 72 लाख रुपये भी निकाल लिए। इतना ही नहीं काम के लिए लगाए गए मजदूरों का भी ब्यौरा वीडीओ के पास उपलब्ध नहीं है। सभी ने ग्राम प्रधान व रोजगार सेवकों से मिलीभगत धन का बंदरबांट कर लिया। वहीं विकास खंड के ग्राम पंचायत मोतीपुर में जिनके आवास बने हैं, उन्हीं 13 ग्रामीणों को आवास आवंटित कर दिया गया। इसकी जानकारी होने पर पूर्व ब्लाक प्रमुख श्रवण कुमार मदेशिया तथा जिला पंचायत सदस्य उमा देवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने की मांग की है। साथ ही संलिप्त ग्राम विकास अधिकारियों को निलंबित किए जाने की भी मांग की है।

कागजों पर 132 स्थानों पर हुआ पौधरोपण
मुख्यमंत्री को भेजे गए शिकायती पत्र में पूर्व ब्लॉक प्रमुख का कहना है कि वर्ष 2014-15 में 25 स्थान तथा 2016-17 में 107 स्थानों पर बागवानी के तहत पौधरोपण कराने का स्टीमेट बनाकर जिला प्रशासन को भेजा और पौधरोपण के एवज में 72 लाख रुपये निकाले गए। जबकि धरातल पर कुछ नहीं है।
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शासन के निर्देश पर होगी जांच
मिहींपुरवा विकास खंड के विभिन्न गांवों में 132 स्थानों पर बिना पौधरोपण के 72 लाख रुपये निकासी और अपात्रों को आवास आवंटित करने की जानकारी नहीं है। इसकी शिकायत पूर्व ब्लाक प्रमुख ने मुख्यमंत्री से की जरूर है। लेकिन शासन द्वारा आख्या मांगे जाने पर मामले की जांच कराने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। -चंद्रशेखर कुमार खंड विकास अधिकारी
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