बहराइच। 2008 में 20 किलो चरस के साथ पड़के गए नेपाल के युवक को सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट ने 15 साल की सजा सुनाई है। दो लाख रुपया जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
दरगाह थाने की पुलिस को वर्ष 2008 में 17 मई को चरस की बड़ी खेप नेपाल से लाए जाने की सूचना मिली थी। इस पर तत्कालीन थानाध्यक्ष रवींद्र सिंह ने एसओजी प्रभारी चंद्रशेखर सिंह को अवगत कराया।
एसओजी और दरगाह थाने की टीम ने दोपहर में असम रोड रेल क्रॉसिंग के पास नेपाल से रिसिया होते हुए आ रहे बाइक सवार को रोक कर तलाशी ली तो उसके कब्जे से 20 किलो चरस बरामद हुई थी।
युवक की पहचान नेपाल के बांके जिला अंतर्गत ग्राम सैनिक निवासी श्याम बहादुर मल्ल पुत्र के रूप में हुई थी। आरोपी को चरस तस्करी के मामले में न्यायालय पर पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया था।
इसी मामले की सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट सुरेशचंद्र भारती के कोर्ट पर सुनवाई हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संत प्रताप सिंह और बचाव पक्ष के वकील ने बहस की।
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश भारती ने आरोपी श्याम बहादुर को 15 साल की सजा व दो लाख रुपये जुर्माना से दंडित किया।