रुपईडीहा (बहराइच)। नेपाल के विभिन्न हिस्सों से बढ़िया नौकरी का झांसा देकर लाई गईं युवतियों को शुक्रवार देर रात सीमा पार करवाकर भारत के रास्ते खाड़ी देश भेजने की तैयारी थी। इसी दौरान रुपईडीहा पुलिस ने इन सभी को दबोच लिया। 14 युवतियां व 12 मानव तस्करों को पकड़ लिया गया है। इन सभी को नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया है। नेपाल में पकड़ी गईं युवतियों और युवकों से पूछताछ की जा रही है।
भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी थम नहीं रही है। नेपाल के दांग, बर्दिया, सूरखेत, सल्यान, चीसापानी आदि इलाकों से 14 युवतियों को बहला-फुसलाकर शुक्रवार रात 10:30 बजे भारतीय सीमा में प्रवेश कराया जा रहा था। इसकी भनक लगने पर नेपाल के जमुनहा चौकी इंचार्ज सुधीर खड़का ने रुपईडीहा पुलिस से सहायता मांगी। थानाध्यक्ष आलोक राव ने नोमेंस लैंड पर घेराबंदी कर जांच शुरू की। तभी घने अंधेरे में युवक और युवतियां नेपाल की ओर से आते दिखे। उन्हें पकड़कर रुपईडीहा पुलिस ने कब्जे में ले लिया। सूचना पाकर नेपाल के जमुनहा चौकी इंचार्ज सुधीर खड़का भी पहुंच गए। पूछताछ के दौरान पकड़ी गई युवतियों ने पहले तो युवकों को अपने परिवार का बताया। लेकिन कड़ाई से जांच शुरू हुई तो सभी टूट गईं। बोलीं कि काफी गरीब परिवार से हैं। सऊदी अरब व अन्य देशों में बढ़िया नौकरी दिलाने तथा शादी कराने का झांसा देकर उन्हें भारत के रास्ते ले जाया जा रहा था। थानाध्यक्ष आलोक राव ने बताया कि पूछताछ और लिखापढ़ी के बाद युवतियों को नेपाल की संस्था माइती के सुपुर्द कर दिया गया है। जबकि पकड़े गए मानव तस्करों को नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया है। इलाका प्रहरी कार्यालय में मानव तस्करों से नेपाल पुलिस पूछताछ कर रही है।
आठ महिलाएं हैं विवाहित
थानाध्यक्ष आलोक राव ने बताया कि सीमा पर पकड़ी गईं युवतियों में आठ महिलाएं अविवाहित हैं। जबकि छह महिलाएं विवाहित जरूर हैं। पर पति बाहर नौकरी करते हैं। सभी की उम्र अधिकतम 20 से 30 वर्ष के बीच है।
पकड़े गए ये मानव तस्कर
जमुनहा चौकी इंचार्ज सुधीर खड़का ने बताया कि जो मानव तस्कर पकड़े गए हैं। उनमें नेकराम बस्नेत निवासी दांग घोराही तथा जिला दांग व बर्दिया के रामजी थारु, धनवीर परिहार, प्रेमदेव खड़का, रमेश खत्री, समीर केसी, त्रिवेंद्रम बोरी, संदीप चौधरी, भूपत खत्री, भारत केसी यज्ञ खत्री शामिल हैं।