तेजवापुर (बहराइच)। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ की अपील के बाद इस दीपावली गोबर से बने दीप अयोध्या समेत अन्य प्रमुख मंदिरों में जगमग होंगे। इसको लेकर तेजवापुर ब्लॉक में गोबर से बने गो-दीप बनाने की तैयारियां पूरी हो गई है। यहां बने दीप दीपावली पर अयोध्या के सरयू तट को जगमग करेंगे। इस कार्य के लिए दीपक बनाने का प्रशिक्षण भी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दिया जा चुका है।
बृहस्पतिवार को महिलाओं ने गो दीप बनाने का कार्य भी शुरू कर दिया गो दीप बना रही स्वयं सहायता समूह की आरती शुक्ला, प्रीति मिश्रा, पुष्पा मिश्रा, सरिता तिवारी समेत अन्य महिलाओं ने बताया कि इससे स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को रोजगार मिलने से उनकी आय का साधन भी सुदृढ़ होगा। साथ ही सभी लोग प्रदूषण मुक्त और इको फ्रेंडली दीपावली भी मना सकेंगे।
आरती शुक्ला ने बताया कि लगभग 21 सौ गो-दीपक अयोध्या भेजे जाएंगे। समूह की महिलाओं ने अपील की कि दीपावली पर गाय की गोबर से निर्मित नव दीप घरों में अवश्य जलाएं। यह प्रदूषण मुक्त और इको फ्रेंडली है इससे परिवार में ग्रह शांति व समृद्धि का प्रसार भी होता है।
गाय के गोबर में लक्ष्मी का वास
खंड विकास अधिकारी अजय प्रताप सिंह ने बताया कि गाय को माता का दर्जा देकर पूजा जाता है। सनातन धर्म में गाय के शरीर में 33 कोटि देवताओं का वास माना जाता है। वहीं गाय के गोबर में लक्ष्मी का वास होता है जबकि गोमूत्र में गंगा मैया बस्ती हैं। गृह दोष अथवा अमंगल की स्थिति में गोमूत्र के छिड़काव से सभी दोष दूर होने के साथ ही घर में सुख शांति समृद्धि का वास भी होता है।