बहराइच। देश व प्रदेश के साथ ही जिले में भी कोरोना संक्रमण फिर बढ़ने लगा है। जिले में अब तक सात सक्रिय केस हो चुके हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि बचाव के लिए कोरोना वैक्सीन पिछले कई महीने से उपलब्ध नहीं है। वैक्सीन कब आएगी इसको लेकर विभाग के जिम्मेदार कुछ नही बता पा रहे हैं।
कोरोना संक्रमण का खौफ एक बार फिर से डराने लगा है। संक्रमण से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग चाक चौबंद तैयारियों में लगा है। इसके बावजूद लोगों को कोरोना से बचाव के लिए सबसे जरूरी वैक्सीन की बूस्टर डोज नहीं मिल पा रही है। अगर कोई सरकारी अस्पताल में निशुल्क टीका लगवाना चाहता है, तो वह उपलब्ध नहीं है। स्टॉक में लगभग चार महीने से वैक्सीन न होने से वर्तमान में टीकाकरण अभियान ठप पड़ा है। ऐसे में यह कहा जाना लाजमी है कि संक्रमण से निपटने का निर्देश कागजी साबित हो रहा है।
इसके साथ ही अस्पतालों से लेकर सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों में कोविड प्रोटोकाॅल के तहत जारी निर्देशों का पालन पूरी तरह से नहीं हो रहा है। बुधवार को मेडिकल कॉलेज में सोशल डिस्टेंसिंग को दरकिनार कर बिना मास्क के मरीजों व तीमारदारों की भीड़ ओपीडी, पर्चा काउंटर, दवा काउंटर में लगी रही। मरीजों व तीमारदारों के साथ ही अस्पतालों में तैनात स्टॉफ व चिकित्सक भी अक्सर बिना मास्क के देखे जा रहे हैं। यही नहीं हाट- बाजार, चौक चौराहा सहित सभी स्थानों व दुकानों पर भी कोविड प्रोटोकाल दरकिनार है।
बचाव ही कोरोना से निपटने का बेहतर विकल्प
कोरोना से बचाव का सबसे बेहतर तरीका है सोशल डिस्टेंसिंग। घर से बाहर निकलते समय मास्क लगाएं और भीड़भाड़ वाले स्थान पर जाने से बचना चाहिए। कोविड वैक्सीन की उपलब्धता अभी नहीं है। वैक्सीन की खेप मिलते ही टीकाकरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- डॉ.एसके सिंह, सीएमओ बहराइच