बहराइच। जिले में कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। कोरोना की जांच अब वृद्धा आश्रमों में भी शुरू कराई गई है। थर्मल स्क्रीनिंग के साथ फीवर ट्रैैकिंग और सैंपल लेने के लिए कर्मचारियों को लगाया गया है। कानपुर के बालिका कल्याण गृह का मामला सामने आने के बाद प्रशासन पूरी तरह से सतर्क नजर आ रहा है।
जिले में कोरोना के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। मार्च से लेकर अब तक कराई गई जांच में 121 मरीजों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने की पुष्टि हो चुकी है। इसकी पुष्टि होने के बाद प्रशासन वृद्ध लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंतित नजर आ रहा है। समाज कल्याण विभाग की ओर से विकास खंड चित्तौरा के नगरौर में वृद्धा आश्रम का संचालन किया जाता है, जबकि शहर के सूफीपुरा मोहल्ले में भी एक सामाजिक संस्था द्वारा वृद्धा आश्रम का संचालन किया जा रहा है।
वृद्धा आश्रम में अभी करीब 120 वृद्ध रह रहे हैं। इन सभी की कोरोना जांच के लिए स्वास्थ्य महकमे की टीम जांच में जुटी हुई है। सभी वृद्धों के सैंपल लिए जा रहे हैं। इसके साथ ही थर्मल स्क्रीनिंग व फीवर ट्रैकिंग भी कराई जा रही है। जिलाधिकारी शंभु कुमार ने बताया कि कोरोना का सबसे अधिक प्रभाव वृद्ध और बच्चों पर पड़ता है। ऐसे में वृद्धों को बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है। साथ ही इन सभी की जांच भी कराई जा रही है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेश सिंह ने बताया कि वृद्धा आश्रमों में रहने वाले वृद्धों के सैंपल टीम भेजकर लिए जा रहे हैं। इन सभी की जांच कराई जा रही है। जांच में अभी तक किसी भी वृद्ध के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि अभी कुछ रिपोर्ट लंबित है। उसके आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।