फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना कर्फ्यू : बाजार बंद, सड़कें सूनी व घरों में कैद रहे लोग

विज्ञापन
बहराइच में रविवार को कोरोना कर्फ्यू के दौरान सड़कों पर पसरा सन्नाटा। - फोटो : BAHRAICH
विज्ञापन
बहराइच। देश में बढ़ रहे कोरोना मरीजों की संख्या को देखते हुए चैन तोड़ने के लिए 36 घंटे के लिए कोरोना कर्फ्यू लगाया गया। इसमें जिले के लोगों ने भरपूर सहयोग किया। रविवार को शहर में सुबह से सन्नाटा पसरा रहा। दुकानें बंद रहीं। लोग अपने आप से ही घरों में कैद रहे। लोगों ने जागरूकता का परिचय देते हुए इस जंग को हराने के लिए खुद जिम्मेदार होने का अहसास कराया। आलम यह रहा कि आवश्यक वस्तुओं की दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा। लोग घर से बाहर निकलने से कतराते रहे।
विज्ञापन

देश में बढ़ रहे कोरोना वायरस पर जीत पाने व बढ़ रही संख्या पर ब्रेक लगाने के लिए सरकार ने 36 घंटे का कोरोना कर्फ्यू लगाया। शनिवार रात नौ बजे से ही शहर के प्रमुख चौराहों पर पुलिस ने अपील कर दुकानें बंद करा दीं। रविवार की सुबह से ही सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। शहर के डिगिहा तिराहा, अस्पताल चौराहा, पानीटंकी चौराहा, डीएम चौराहा, घंटाघर, पीपल चौराहा, छावनी चौराहा व चांदपुरा चौराहे पर स्थित सभी दुकानें बंद रहीं। प्रमुख मार्गों से लेकर मोहल्ले के गलियों तक सन्नाटा पसरा रहा। लोगों ने घरों में कैद रहकर कोरोना कर्फ्यू को सफल बनाया। आवश्यक वस्तुओं की दुकानें मेडिकल, सब्जी, दूध समेत अन्य दुकानें खुली रहीं, लेकिन यहां पर भी सन्नाटा पसरा रहा। यह पहल बढ़ते कोरोना मरीजों की संख्या के चैन को तोड़ने मेें मददगार साबित होगा।
बैरियर की नहीं पड़ी जरूरत
कोरोना कर्फ्यू को पालन कराने के लिए इस बार किसी चौराहे पर बैरियर लगाने की जरूरत नहीं पड़ी। लोग बिना कारण बाहर ही नहीं निकले। चौराहों पर होमगार्ड मुस्तैद रहे, लेकिन उन्हें किसी को समझाने की जरूरत नहीं पड़ी। लोग घरों में कैद रहे।
विज्ञापन

जनता की जागरूकता से रुकेगा कोरोना का संक्रमण
रविवार को जनता ने पूरा सहयोग किया। बिना कारण के कोई बाहर नहीं निकला। जनता की जागरूकता ने यह संदेश दे दिया है कि बेवजह अपने घर से न निकलकर बढ़ रही कोरोना चैन को तोड़ने में कामयाबी दिलाएंगे। इससे कोरोना मरीजों की संख्या में कमी आएगी।
विज्ञापन

-शंभु कुमार, डीएम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें