बहराइच। जिले में आग लगने की घटनाएं बढ़ गई हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने एक एडवायजरी जारी की है। इसके अनुसार लोगों को सलाह दी गई है कि वे सुबह नौ बजे से पहले और शाम को छह बजे के बाद घरों में भोजन बनाने का काम करें।
एडीएम अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने बताया कि रसोई घर यदि फूस का हो तो उसकी दीवार पर मिट्टी का लेप अवश्य लगा दें। साथ ही रसोई घर की छत ऊंची रखी जाए। आग बुझाने के लिए घर में बोरे में भरकर बालू, मिट्टी और दो बाल्टी व पानी अवश्य रखें। हवन वगैरह सुबह नौ बजे से पहले सम्पन्न कर लें और शॉर्ट-सर्किट की आग से बचने के लिए बिजली वायरिंग की समय पर मरम्मत भी करा लें।
इसी प्रकार मवेशियों को आग से बचाने के लिए मवेशी घर के पास पर्याप्त मात्रा में पानी की व्यवस्था रखें। पटाखे जलाते समय पानी की बाल्टी तथा रेत की पर्याप्त व्यवस्था रखें। एडीएम ने कहा कि घरों में खाना सुबह नौ बजे तक और रात का खाना शाम छह बजे के बाद ही बनाएं क्योंकि सुबह नौ से शाम छह बजे के बीच हवा अपेक्षाकृत ज्यादा तेज होती है जिससे आग फैलने की आशंका भी अधिक रहती है।
खेत में छोड़े गए डंठलों में न लगाएं आग
जारी एडवायजरी के अनुसार, एडीएम ने बताया कि दीपक (दीया), लालटेन, मोमबत्ती को ऐसी जगहों पर न रखें जहां से गिरकर आग लगने की आशंका हो। कटनी के बाद खेत में छोड़े गए डंठलों में आग न लगाएं। भोजन बनाने का कार्य तेज हवा के समय न करें। जलती हुई माचिस की तीली या अधजली बीड़ी और सिगरेट पीकर इधर-उधर न फेंके। खाना बनाते समय ढीले-ढाले और हमेशा सूती कपड़ा पहनकर ही खाना बनाएं। सार्वजनिक स्थलों, ट्रेनों और बसों में ज्वलनशील पदार्थ लेकर न चलें।