बहराइच। जननी सुरक्षा योजना के जरिए प्रसूूताओं के हक पर डाला डाल रहे घोटालेबाजों पर मंडलायुक्त आरपी अरोड़ा ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
बिना सत्यापन सात करोड़ के भुगतान के मामले को मंडलायुक्त ने संदेह के घेरे में लिया। मामले के पटाक्षेप के लिए उन्होंने डीएम अभय कुमार व सीएमओ डॉ. केबी जैन को पत्र भेजा है। जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
फखरपुर प्राथमिक हेल्थ सेंटर अधीन बौंडी अतिरिक्त हेल्थ सेंटर पर बौंडी निवासी ननकई (60) को दस माह में पांच मर्तबा नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत संचालित जननी सुरक्षा योजना का लाभ दिया गया।
इस कारनामे के खुलासे के बाद राष्ट्रीय हेल्थ मिशन निदेशक अमित घोष ने देवीपाटन मंडल के अपर निदेशक एवं परिवार कल्याण डॉ उमाकांत वर्मा ने अभिलेखों की गहनता से जांच की तो चौंकाने वाले परिणाम प्राप्त हुए।
फर्जी तरीके से ननकई को प्रसूता दिखाया गया, साथ ही एकाउंट न होने की बात कहकर अन्य महिला को योजना का लाभ दिया गया है।
यहां तक कि गत वित्तीय सत्र में जिले भर में हुए 52 हजार 433 प्रसवों को संदेह के घेरे में लिया। कारण लाभार्थियों के बिना सत्यापन व समीक्षा बैठक किए ही 7 करोड़ 34 लाख 62 सौ रुपये का खेल प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से कर दिया गया।
ननकई के प्रकरण के साथ जननी सुरक्षा योजना में सात करोड़ का घोटाला की खबर को अमर उजाला ने गत सात जुलाई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशन किया था। इस खबर का संज्ञान लेते हुए मंडलायुक्त ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।