बहराइच में शनिवार को ठंड में गर्म कपड़े पहनकर गुजरते लोग। -संवाद
बहराइच। जिले में तीन दिनों से शीतलहर का कहर जारी है। इससे जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। शनिवार को दोपहर बाद हल्की धूप निकली, लेकिन कोहरा व सर्द हवा के कारण लोग मफलर और टोपी हटाने का साहस नहीं कर सके। न्यूनतम तापमान 10 डिग्री व अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
तीन दिन पूर्व तेज धूप निकलने पर लोगों ने अनुमान लगाया कि अब सर्दी विदा हो रही है। लोगों ने मफलर और टोपी हटाकर रात के समय निकलना शुरू कर दिया। अचानक बारिश हुई तो मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया कि अब गलन वाली सर्दी से छुटकारा मिलेगा।
अचानक मौसम ने इस कदर करवट लिया कि मौसम वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी भी बेअसर रही। भूगोल विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर संतोष कुमार सिंह का कहना है कि पहाड़ों पर बर्फबारी होने से मौसम का रुख अचानक बदल गया। उन्होंने कहा कि अभी दो दिन तक मौसम इसी प्रकार सर्द रहेगा।
मौसम में अचानक आए बदलाव के कारण श्रमिक वर्ग के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। दरगाह क्षेत्र के रमेश कुमार बताते हैं कि वह मजदूरी करते हैं, पिछले तीन दिनों से काम नहीं मिल पाया है। परिवार का भरण-पोषण करने के लिए उधार राशन लाए हैं। इसी प्रकार ठेले ओर खोमचे वालों का कहना है कि उनका भी कारोबार प्रभावित हो रहा है।
फसलों की सुरक्षा को लेकर किसान चिंतित
मौसम का मिजाज बदलने से फसलों को पाला से बचाने का संकट आ गया है। गुथिया गांव के किसान डाॅ. सत्यभूषण सिंह बताते हैं कि इस मौसम का सबसे बुरा प्रभाव सरसों तथा आलू की फसल पर पड़ने की आशंका है। पचदेवरी गांव के सतीश सिंह का कहना है कि धूप न निकलने से पौधे मर रहे हैं। अन्य फसलों पर सर्द मौसम का असर पड़ रहा है। अन्य किसानों का कहना है कि यदि दो-तीन दिन में मौसम में सुधार नहीं हुआ, तो फसलों को काफी नुकसान होगा।