बहराइच में बुधवार की शाम को आसमान में छाए काले बादल।
बहराइच। जिले में बुधवार को दिनभर बादल छाए रहे, लेकिन बारिश की एक बूंद भी नहीं गिरी। इससे उमस बढ़ी और लोगों को परेशानी हुई। खरीफ सीजन की महत्वपूर्ण फसल धान की रोपाई प्रभावित हो रही है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पर्याप्त नमी न होने के कारण किसानों को निजी संसाधनों से सिंचाई करनी पड़ रही है। इससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। बुधवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा। दिनभर उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल रहे। शाम तक बादल बिना बरसे ही लौट गए। खेतों में पानी का संकट बरकरार है।
पयागपुर के किसान रामनाथ ने बताया कि बारिश न होने से धान की रोपाई का समय निकलता जा रहा है। ट्यूबवेल से सिंचाई करने पर डीजल और बिजली का खर्च बढ़ रहा है। महसी के किसान शिवकुमार यादव ने कहा कि यदि दो-तीन दिन और बारिश नहीं हुई तो धान की रोपाई पिछड़ जाएगी। इससे उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है।
24 घंटे में अच्छी बारिश के आसार
उधर, मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी ने बताया कि वातावरण में पर्याप्त नमी बनी हुई है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं का असर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। अगले 24 से 48 घंटों के भीतर जिले में अच्छी बारिश होने की संभावना है। यदि यह पूर्वानुमान सही रहा तो किसानों को राहत मिलेगी और धान की रोपाई में तेजी आएगी।