बहराइच में रविवार को चिलचिलाती धूप में गुजरता युवक।
बहराइच। सावन में रविवार को तराई क्षेत्र में सूरज की तेज तपिश ने लोगों को बेहाल कर दिया। सुबह करीब सात बजे से निकली धूप दोपहर तक और तल्ख होती गई, जिससे उमस व चिपचिपी गर्मी बढ़ गई। लोग पसीने से तर-बतर रहे और बाजारों में छांव तलाशते दिखे। किसान भी बारिश के इंतजार में आसमान की ओर टकटकी लगाए रहे। मौसम का यह मिजाज खेती के लिए चिंता बढ़ा रहा है।
जिले में रविवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। तापमान बहुत अधिक न होने पर भी वातावरण में नमी अधिक रहने से गर्मी का असर तेज महसूस हुआ। दिन चढ़ने के साथ उमस बढ़ती गई, जिससे लोगों की परेशानी भी बढ़ी। मौसम विशेषज्ञ पीएल त्रिपाठी ने बताया कि वातावरण में अधिक नमी के कारण उमस बढ़ी है। उन्होंने मौसम में बदलाव के संकेत दिए हैं। अगले 24 घंटे में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
बारिश के इंतजार में किसान
लगातार तेज धूप और उमस ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। धान समेत अन्य फसलों के लिए बारिश की तत्काल जरूरत महसूस की जा रही है। किसान राम उदार का कहना है कि समय पर बारिश न होने पर सिंचाई का अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा। वहीं अचानक बारिश होने पर खेतों में जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है।
किसानों के लिए सलाह
जिला कृषि अधिकारी सुबेदार ने किसानों को खेतों में नमी की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत के अनुसार सिंचाई करने की सलाह दी। उन्होंने धान के खेतों में अत्यधिक पानी जमा न होने देने को कहा। कीट या रोग के लक्षण दिखने पर कृषि विशेषज्ञ की सलाह से ही दवा का छिड़काव करें। उमस से फसलों में कीट और रोग का प्रकोप बढ़ सकता है, इसलिए सुबह या शाम खेतों का निरीक्षण करें। पत्तियों पर धब्बे, पीलापन या कीट दिखने पर तत्काल कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें और बारिश की संभावना पर खाद व कीटनाशक का छिड़काव टाल दें।