पांच सौ और हजार के बंद हो चुके नोट जमा कराने व बदलने के लिए बैंकों में उमड़ी भीड़ रविवार को कई जगह बेकाबू हुई। बैंकों की व्यवस्थाएं चरमराने से झड़प व मारपीट की घटनाएं हुईं। रिसिया स्थित इलाहाबाद बैंक में युवकों ने दो घंटे तक उत्पात मचाया। खजुरार बैंक में झड़प के चलते काफी देर तक कामकाज बाधित रहा।
फखरपुर के नंदवल में भी नोट जमा करने में देरी पर लोग भड़के। वहीं इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक और उप डाकघरों में रविवार को पैसा जमा तो हुआ लेकिन भुगतान नहीं हो पाया। इसके चलते लोगों को काफी परेशानी हुई। बंद हो चुके बड़े नोट बैंकों में जमा करने व बदलने में हो रही दिक्कत के चलते आम लोगों का गुस्सा फूटने लगा है।
बैंकों की व्यवस्थाएं भी नाकाफी साबित हो रही हैं। रिसिया में इलाहाबाद बैंक के मुख्य गेट पर देर शाम छह बजे लाइन में लगे लोगों के प्रवेश के बाद गेट बंद कर दिया गया। इसी दौरान कस्बा में इंदिरा नगर निवासी सलाहुद्दीन, शब्बू शाह, सिराज अहमद व अन्य लोग पहुंचे और गेट खुलवाने को लेकर हंगामा किया।
बैंक प्रबंधक और कर्मचारियों के प्रति अपशब्दों का प्रयोग किया। ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों ने रोका तो उनके साथ भी अभद्रता की। पुलिस के दखल के नाम पर धमकी देकर चले गए। इस मामले में बैंक प्रबंधक उमेश कुमार ने तीनों युवकों के खिलाफ थाने पर तहरीर दी। कड़ी सुरक्षा के बीच रात को बैंक का कैश जिला मुख्यालय भेजा गया।
पयागपुर में खजुरार स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक पर रविवार सुबह 11 बजे पुराने नोट नहीं बदले जाने पर लोग भड़क उठे। बैंक कर्मियों और ग्राहकों में काफी देर झड़प हुई। मारपीट की नौबत आने के चलते एक घंटे तक कामकाज प्रभावित रहा। फखरपुर में नंदवल स्थित इलाहाबाद बैंक में कुछ लोगों को लाइन से अलग बुलाकर पैसे दिए जाने पर हंगामा हो गया।