खैरीघाट (बहराइच)। ग्राम पंचायत चौकसाहार व उसके आसपास के गांवों में बीते 17 दिनों से मादा तेंदुए की दहशत है। अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं। किसान खेतों में धान की मड़ाई व रखवाली के लिए भी नहीं जा रहे हैं। ऐसे में उनकी फसल चौपट हो रही है। ऐसा तब है जब वन विभाग तेंदुए को पकड़ने के लिए टैपिंग कमरा, जाल समेत विशेषज्ञों की टीम द्वारा तलाशने की बात कर रहा है।
वन विभाग के दावों के बीच तेंदुआ अब तक ग्राम पंचायत चौकसाहार के एक बालक व बालिका को मौत के घाट उतार चुकी है। तीन किशोरियों को घायल कर चुकी है। रविवार को भी वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए कांबिंग व जांच करने का दावा करती रही। रविवार को भी तेंदुआ नहीं पकड़ में आई।
एसडीओ अशोक कुमार ने बताया है कि जिले के छह रेंजों के कर्मी तेंदुए को पकड़ने में जुटे हैं। जल्द उसे पकड़ लिया जाएगा।
बच्चों की पढ़ाई ठप
तेंदुए द्वारा लगातार किए जा रहे हमले से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे है। उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
- कांग्रेस यादव, नरायनपुरवा
दहशत का माहौल
तेंदुए ने दो बच्चों समेत एक बछिया को मौत के घाट उतारा है। खेत में काम के दौरान तीन बालिकाओं को घायल किया है। हम सभी सभी डरे हुए हैं।
- कृष्ण गोपाल, ग्राम प्रधान अरनवा
प्रभावित हो रही मड़ाई
धान की फसल लगभग तैयार है और मड़ाई हो रही है लेकिन तेंदुए के दहशत के चलते किसान मड़ाई के लिए नहीं जा पा रहे हैं।
- ननकऊ, अरनवा
रात में पसर जाता सन्नाटा
ग्राम पंचायत के दो मजरों में एक बालक व एक किशोरी को तेंदुए ने मौत के घाट उतारा है। शाम होते ही हर कोई घर से बाहर निकलने से डरता है।
- सतीश यादव, प्रधान प्रतिनिधि चौकसाहार
फसल को चट कर रहे मवेशी
फसल को छुट्टा मवेशी नुकसान पहुंचा रहे है। नियमित रखवाली नहीं हो पा रही है। तेंदुए के आने के बाद से खेत नहीं जा पा रहे और फसल चौपट हो रही।
पैकरमा यादव, अरनवा