नवाबगंज थाना क्षेत्र के गोविंदापुर बख्शी गांव में तीन दिनों से खसरा फैला हुआ है। सूचना के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची है। जिसके चलते खसरा पीड़ित एक मासूम की गुरुवार को सुबह मौत हो गई। वहीं, 18 बच्चे खसरे की चपेट में है। इनमें नौ की हालत गंभीर है।
तराई में मौसम परिवर्तन के साथ ही खसरा फैलने लगा है। सीमावर्ती नवाबगंज थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत गोविंदापुर के मजरा बख्शी में तीन दिनों से खसरे का प्रकोप है। गांव में खसरा पीड़ित कुलसुम (7) पुत्री सलीम की बुधवार देर रात हालत बिगड़ गई।
परिवारीजन सुबह उसे स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी कुलसुम ने दम तोड़ दिया। वहीं, गांव में 18 बच्चे खसरे से पीड़ित हैं। इन सभी को तेज बुखार के साथ शरीर पर लाल दाने निकल रहे हैं। 24 घंटे में दाने पक कर फफोले का रूप ले रहे हैं। ऐसे में असहनीय पीड़ा से खसरा पीड़ित गुजर रहे हैं।
इस मामले में स्वास्थ्य केंद्र और सीएमओ कार्यालय पर गांव के लोगों ने सूचना दी, लेकिन अब तक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे हैं। जिसका नतीजा यह है कि बीमार 18 बच्चों में से अयान (7), अल्ताफ (5), सोनू (4), अयाज (5), जैनब (6), नासिररजा (7), निहाल (एक) व खुशी (4), सन्नो (4) की हालत नाजुक बताई जा रही है। वे सभी जिंदगी व मौत से संघर्ष कर रहे हैं।
इस मामले में क्षेत्र की एएनएम कौशल्या देवी खसरा फैलने की बात से ही किनारा कस रही हैं। वहीं, स्वास्थ्य केेंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी अर्चित श्रीवास्तव का कहना है कि स्वास्थ्य टीम को गांव भेजा जा रहा है।
खसरे से बचाव के लिए गांव निवासी अयान, सोनू, जैनब, खुशी और नासिर समेत 12 से अधिक बच्चों को टीका लग चुका है। फिर भी सभी खसरे की चपेट में आ गए हैं। इसके चलते उनके परिवारीजन काफी दहशत में हैं।
सीएमओ डॉ. अरुणलाल ने कहा कि बख्शी गांव में खसरा फैलने की जानकारी नहीं थी। अब पता चला है। संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष की टीम को गांव भेजा जा रहा है। चिकित्सक गांव में कैंप कर रोगियों का इलाज करेंगे। खसरा पीड़ितों के प्रति जिसने लापरवाही बरती है, जांच कराकर उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।