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Bahraich News: बालक की निर्मम हत्या, गेहूं के खेत में टुकड़ों में मिला शव

Sat, 05 Apr 2025 12:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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मोनू की फाइल फोटो।
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महसी (बहराइच)। हरदी में बृहस्पतिवार रात गेहूं कटाई के दौरान कंबाइन मशीन कुछ फंसने से अचानक जाम हो गई। खेत स्वामी ने मशीन संचालक के साथ देखा तो उसमें किसी बालक के शव का टुकड़ा फंसा मिला। इसकी जानकारी खेत स्वामी ने तत्काल पुलिस को दी। पुलिस ने छानबीन की तो वो टुकड़े 21 दिन पहले लापता हुए 10 वर्षीय बालक मोनू के निकले। शव मिलने की सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया।
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हरदी की ग्राम पंचायत देवरायपुर निवासी विजय शंकर राव बृहस्पतिवार रात कंबाइन मशीन से गेहूं के फसल की कटाई करवा रहे थे। इस दौरान कंबाइन मशीन शव का टुकड़ा फंसने से जाम हो गई। विजय शंकर ने तत्काल इसकी सूचना प्रधान प्रतिनिधि आलोक कुमार को दी। प्रधान प्रतिनिधि कई ग्रामीणों के साथ पर मौके पर पहुंचे। खेत में देखने पर किसी बालक के शव के टुकड़े व कपड़े पड़े मिले। थाना प्रभारी संजय सिंह ने कंबाइन मशीन और खेत से शव के अवशेष एकत्रित किए और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया।


कपड़ों से हुई शव की पहचान
कंबाइन मशीन में बालक का शव फंसा होने की सूचना पर 21 दिन से लापता बेटे की तलाश कर रहे गांव निवासी गोपाल यादव भी पहुंचे। उन्होंंने जैसे ही बालक के कपड़े देखे बिलख पड़े और खेत में गिर गए। उन्होंने शव की पहचान होलिका दहन के दिन से गायब अपने बेटे मोनू (10) के रूप में की। माेनू का शव मिलने की सूचना जब उनके घर पहुंची तो महिलाएं भी बिलख पड़ीं।
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खेत में नहीं मिला खून, हत्या कर शव फेंके जाने की आशंका
मोनू का शव मिलने के बाद से चर्चाओं का बाजार गर्म है। ग्रामीणों की माने तो खेत में कहीं भी खून का धब्बा नहीं मिला है। जबकि शव टुकड़ों में था। ऐसे में आशंका है कि बालक की हत्या कहीं और की गई और फिर बचने के लिए शव को गेहूं के खेत में फेंक दिया गया।

हरदी पुलिस पर लगा लापरवाही का आरोप
मोनू का शव मिलने के बाद हरदी पुलिस पर लापरवाही का आरोप लग रहा है। ग्रामीणों व परिजनों का कहना कि होलिका दहन के दिन मोनू लापता हो गया था। 14 मार्च को ही थाने में तहरीर देकर अज्ञात कार के गांव में आने और माेनू के अपहरण का आरोप लगाया गया था। बावजूद इसके पुलिस मौन रही। इसके बाद 16 मार्च को फिर तहरीर दी गई। आरोप है कि सीसीटीवी में कार दिखने की बात बताने के बाद भी पुलिस ने छानबीन नहीं की। एसपी से शिकायत के बाद केस दर्ज किया गया। केस दर्ज होने के बाद भी पुलिस बालक को तलाशने में लापरवाह बनी रही। पुलिस समय से सक्रिय होती तो बालक की जान बच सकती थी।



गोपाल की दूसरी पत्नी का बेटा था मोनू
ग्रामीणों ने बताया कि मोनू के पिता गोपाल यादव ने दो शादियां की हैं। पहली पत्नी कुसमा से बेटा सोनू (15) और दूसरी पत्नी नीलम से मोनू (11) और स्वाति (13) हैं। दूसरी पत्नी नीलम बच्चों के साथ लखनऊ में रहती थी। दो साल पहले गोपाल लखनऊ गया था और मोनू को अपने साथ गांव ले आया था। इसके बाद से मोनू यहीं रहता था। गांव में पारिवारिक उठापटक को भी बालक की हत्या से जोड़ कर चर्चाएं होती रहीं।


वर्जन:::
बालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया गया है। जांच की जा रही है। परिजनों की तहरीर पर धारा वृद्धि के साथ जल्द घटना का खुलासा किया जाएगा। -डीपी तिवारी, एएसपी ग्रामीण
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