सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रिसिया में गुरुवार को हुई तोड़फोड़ व हमले की घटना से नाराज स्वास्थ्य कर्मी शुक्रवार को हड़ताल पर रहे। इसके चलते मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा। किसी तरह इमरजेंसी सेवा बहाल की गई है। सीएचसी कर्मी हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
डॉक्टर द्वारा लिखी गई एक दवा नहीं मिलने से नाराज बड़गांवा निवासी फिलहाल पुत्र इसरार ने अपने साथियों के साथ गुरुवार को सीएचसी में घुसकर तोड़फोड़ की थी। दवाएं तक फेंक दीं। हमलावरों के तेवर देख कर्मचारी जान बचाकर भागे।
प्रभारी चिकित्साधीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने बड़गांवा ग्राम निवासी फिलहाल, जैनुल, नौशाद व 15 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। इससे नाराज कर्मचारियों ने शुक्रवार को हड़ताल कर दी। ओपीडी का ताला तक नहीं खुल सका।
इससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। प्रभारी चिकित्साधीक्षक ने इमरजेंसी सेवा बहाल करवाई। फार्मेसिस्ट संतोष, एएनएम पूर्णिमा, संजय, सुधाकर, नर्स सुनीता, गायत्री आदि का कहना है कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। थानाध्यक्ष देवेंद्र का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।