बहराइच। जिले में संचालित अस्थायी गो आश्रय स्थलों और वृहद गो संरक्षण केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए मंगलवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने सभी गो आश्रय स्थलों को सीसीटीवी कैमरों से जोड़कर विकास भवन स्थित जिला कमांड सेंटर से लिंक करने के निर्देश दिए। इससे आश्रय स्थलों की नियमित निगरानी की जा सकेगी।
डीएम ने गोवंश के लिए भूसा, चारा, चोकर, चूनी, पशुआहार और हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था रखने को कहा। नामित नोडल अधिकारी प्रतिदिन आश्रय स्थलों की स्थिति की फोटो व्हाट्सऐप ग्रुप पर साझा करेंगे। नगरीय क्षेत्रों के लिए अपर जिलाधिकारी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जिला विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को रोजाना गो आश्रय स्थलों का निरीक्षण करने और बीडीओ को सप्ताह में दो से तीन दिन निरीक्षण के निर्देश दिए गए। आश्रय स्थलों के पहुंच मार्गों को भी मजबूत कराया जाएगा। केयरटेकर के ठहरने के लिए कमरे और शौचालय की व्यवस्था करने तथा गोबर गैस प्लांटों को चालू कराने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में सीडीओ सुनील कुमार धनवंता समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।