बहराइच। पंचायत चुनाव ड्यूटी के प्रशिक्षण से नदारद रहना 195 कर्मचारियों को भारी पड़ गया है। पंचायत चुनाव में कार्मिक व्यवस्था प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी ने इन सभी 195 कर्मियों पर केस दर्ज कराने के लिए संबंधित कर्मचारियों के विभागाध्यक्षों को पत्र जारी किया है। सभी से स्पष्टीकरण मांगकर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
पंचायत चुनाव के लिए कर्मचारियों को बैलेट के प्रयोग, बॉक्स सील करने समेत मतदान और मतगणना के टिप्स सुझाए जा रहे हैं। इसका प्रशिक्षण किसान डिग्री कॉलेज में चल रहा है। बुुधवार को पीठासीन और मतदान अधिकारी प्रथम का प्रशिक्षण सत्र शुरू किया गया।
पहली पाली में 711 पीठासीन अधिकारी शामिल हुए, जबकि दूसरी पाली में 800 मतदान अधिकारी प्रथम को प्रशिक्षण दिया गया। मास्टर ट्रेनर्स प्रधानाचार्य पालीटेक्निक वीरेंद्र कुमार और जिला प्रशिक्षण अधिकारी एके खान ने कर्मचारियों को मतपेटिकाओं को सील करने, मतपत्रों को निकाले जाने के साथ ही गणना के दौरान एहतिआत बरतने समेत अन्य कार्यों के बारे में जानकारी दी।
जिला विकास अधिकारी व प्रभारी अधिकारी मीडिया और वीडियोग्राफी एसएन श्रीवास्तव ने कर्मचारियों को वोटिंग के दौरान और बाद में भरे जाने वाले अभिलेखों के बारे में जानकारी प्रदान की लेकिन प्रशिक्षण से 195 कर्मचारी गैरहाजिर रहे। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास और राजस्व विभाग के कर्मचारी शामिल हैं।
प्रशिक्षण समापन के बाद जब रिपोर्ट देर शाम मुख्य विकास अधिकारी व चुनाव कार्मिक व्यवस्था प्रभारी राकेश कुमार के पास पहुंची तो वह कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर भड़क उठे।
सीडीओ ने गैरहाजिर सभी 195 कर्मचारियों की सूची तैयार करवाकर संबंधित विभागाध्यक्षों को भेजी है। उन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के साथ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। स्पष्टीकरण तलब करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
सीडीओ ने कहा कि चुनाव ड्यूटी से नदारद रहना कर्मचारियों की अनुुुशासनहीनता की श्रेणी में है। सभी के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।