बहराइच। पंचायत चुनाव के प्रथम चरण के लिए रोडवेज बसें अधिग्रहीत कर ली गई है। बसों के चुनाव ड्यूटी में जाने से सोमवार सुबह से ही यात्री परेशान रहे। फैजाबाद, बलरामपुर और लखनऊ की ओर जाने वाले यात्री बसों के इंतजार में बस अड्डे पर घंटों खड़े रहे। जो बसें मिलीं उनमें सवार होने के लिए धक्कामुक्की हुई तो कई लोग प्राईवेट साधनों से गंतव्य को रवाना हुहए।
जिले में पंचायत चुनाव चार चरणों में होना है। प्रथम चरण में नौ अक्तूबर को महसी, तेजवापुर और शिवपुर क्षेत्र में वोट डाले जाएंगे। इन क्षेत्रों के 648 बूथों पर मतदानकर्मियों और फोर्स को पहुंचाने के लिए वाहनों के अधिग्रहण की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए जिला प्रशासन ने परिवहन निगम के बहराइच डिपो से 10 बसों की डिमांड की थी।
सोमवार को यह बसें जिला प्रशासन को सुबह ही दे दी गईं। गौरतलब हो कि बहराइच रोडवेज बस अड्डे पर वर्तमान में 62 बसें है। इनमें से 12 बसें तकनीकी खराबी से कार्यशाला में खड़ी हैं।
ऐसे में महज 50 बसों का ही संचालन नियमित हो पा रहा है लेकिन उनमें से 10 बसों के चुनाव ड्यूटी में चले जाने से अब महज 40 बसें बची हैं। इन बसों को लखनऊ, फैजाबाद व बलरामपुर मार्ग पर चलाया जा रहा है।
बसों की कमी से सोमवार सुबह यात्री बेहाल दिखे। एक से डेढ़ घंटे के अंतराल पर बसों के आने पर भगदड़ की स्थिति दिखी। धक्कामुक्की के बीच यात्री बसों में सवार होते रहे। देर शाम तक यही हालात रहे।
टैक्सी चालकों की रही चांदी
यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए प्राईवेट वाहनों का सहारा लेना पड़ा। टैक्सी चालकों ने मनमाना किराया वसूला। इससे यात्रियों को जेब तो ढीली करनी ही पड़ी, बैठने को ठीक से जगह भी नहीं मिली।
चार दिन रहेगी समस्या
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अवधेश कुमार पाल ने बताया कि प्रशासन ने चुनाव ड्यूटी में पुलिस के जवानों को मतदान केंद्रों तक भेजने के लिए 10 बसों की डिमांड की थी। बसें प्रशासन को सौंप दी गई है। इसी के चलते यात्रियों को दिक्कत हुई। उन्होंने कहा कि चार दिन के बाद बसें चुनाव ड्यूटी से वापस आ जाएगी, तब तक किसी तरह काम चलेगा।
दूसरे चरण में अधिक बसों की होगी डिमांड
दूसरे चरण में चार विकासखंडों में पंचायत चुनाव होने हैं। ऐसे में कर्मचारियों के साथ ही फोर्स के जवानों की संख्या बढ़ेगी, जिसके चलते बसों के अधिग्रहण की संख्या डेढ़ गुनी होने की संभावना है। तब यात्रियों को और भी दिक्कतें उठानी पड़ सकती हैं।