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Bahraich News: अस्पताल में ब्रांडेड दवाएं, मरीजों को को लिख रहे बाहर की दवाएं

Tue, 25 Jun 2024 04:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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बहराइच मेडिकल कालेज में ओपीडी के बाहर लगी मरीज व तीमारदारों की भीड़। 
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बहराइच। जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बाद मरीजों व तीमारदारों को सस्ते व निशुल्क इलाज की आस जगी थी। लेकिन भ्रष्टाचार उनकी उम्मीदों पर पानी फेरता नजर आ रहा है। मेडिकल स्टोरों व एमआर से मिलने वाले कमीशन के चक्कर में धड़ल्ले से मरीजों को बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं। जबकि मेडिकल कॉलेज के जिम्मेदार हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। ऐसा तब है जब मेडिकल कॉलेज में प्रतिमाह सिप्ला व ल्यूपिन जैसी ब्रांडेड दवाओं की काफी खेप खरीदी जाती है। सोमवार को यहां की स्थिति का जब जायजा लिया गया तब हकीकत सामने आई।
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महराजा सुहेलदेव स्वशाषी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना के बाद से यहां प्रतिदिन औसत 1,800 से 2,000 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए आते हैं। जिसमें पड़ोसी जिलों गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती समेत नेपाल के भी मरीज शामिल रहते हैं। शासन मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बेहतर व निशुल्क इलाज देने के लिए भारी-भरकम बजट खर्च करता है। लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते मरीजों को इसका समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। आलम यह है कि मेडिकल कॉलेज में छोटी पर्ची का प्रचलन बढ़ गया है। जिसपर चिकित्सक मरीजों को बाहर की दवा लिखते हैं। यही नहीं कुछ चिकित्सक सरकारी पर्चे पर भी बाहर की दवा लिखने से गुरेज नहीं करते हैं।
जिसके चलते जहां एक ओर शासन की मंशा धराशाई हो रही है तो वहीं गरीब मरीजों को इलाज के लिए कर्ज तक लेना पड़ रहा है।


पत्नी को लिख दी मेडिकल स्टोर की दवा
पत्नी रेशमा बानो के पैरों में दिक्कत है। सोमवार को इसके लिए हड्डी विभाग में एक रुपये का पर्चा बनवा कर दिखाने आए थे।सोंचा था कि अंदर से निशुल्क दवाएं मिलेंगी। लेकिन चिकित्सक ने बाहर की दवा लिख दी है। अब मेडिकल स्टोर पर दवा लेने जा रहे हैं।
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मोहम्मद आसिफ, नाजिरपुरा

सरकारी दवा से नहीं मिलेगा आराम
यह सोचकर अस्पताल आए थे कि एक रुपये में बढि़या इलाज हो जाएगा। लेकिन डॉक्टर ने बाहर की दवाई लिख दी है। उनसे कहा कि साहब अस्पताल की दवाई लिखो, तो बोले उससे आराम नहीं मिलेगा।
नीता देवी, सदर

सारी दवा ही बाहर की
पत्नी रहीमा को सोमवार को फिजीशियन को दिखाने आए थे। डॉक्टर ने पर्चे पर कई सारी दवाएं लिख दी हैं। जब पता किया तो जानकारी मिली कि सारी दवाएं बाहर मेडिकल स्टोर पर मिलेंगी। अस्पताल में तो लूट मची है।
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रफीक, सदर
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