मिहींपुरवा। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज में शनिवार शाम खेत में मिले फिशिंग कैट के दो बच्चों को वन विभाग की सतर्कता से उनकी मां से मिला दिया गया। ग्रामीणों ने दोनों को तेंदुए के शावक समझकर वन विभाग को सूचना दी थी। वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर उनकी पहचान की और करीब 12 घंटे तक कैमरों से निगरानी की। रविवार भोर में मादा फिशिंग कैट दोनों बच्चों को अपने साथ लेकर चली गई।
डिप्टी रेंजर सत्य प्रकाश वर्मा ने बताया कि मामला कतरनियापुरवा गांव के पास का है। खेत में शाम करीब चार बजे दो छोटे वन्यजीव ग्रामीणों को दिखे। ग्रामीणों की सूचना पर प्रभारी वन क्षेत्राधिकारी केके सिंह और डिप्टी रेंजर सत्य प्रकाश वर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पता चला कि दोनों फिशिंग कैट के बच्चे हैं। इस पर उन्हें मां तक पहुंचाने के लिए वन विभाग की टीम ने मौके पर सुरक्षा घेरा बनाया और कैमरे लगाए। लगातार निगरानी की, ताकि बच्चों को कोई नुकसान न पहुंचे और मादा फिशिंग कैट की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। करीब 12 घंटे बाद भोर में मादा फिशिंग कैट बच्चों के पास पहुंची और दोनों को साथ ले गई।
फिशिंग कैट के बच्चे।