कतर्नियाघाट के निशानगाड़ा रेंज में ग्रामीण का शव मिलने के बाद जमा लोग। -संवाद
बिछिया। सुजौली क्षेत्र के रामपुरवा गांव से छह दिन पूर्व लापता हुए ग्रामीण गौरी शंकर (45) का शव बुधवार सुबह कतर्नियाघाट के जंगल में क्षत-विक्षत हालत में मिला। वन कर्मियों ने प्रथम दृष्टया किसी हिंसक जानवर के हमले में मौत होने की आशंका जताई है।
रामपुरवा निवासी गौरी शंकर बृहस्पतिवार को जंगल से गेरजुआ (एक प्रकार की वनस्पति या जड़ी-बूटी) खोजने की बात कहकर घर से निकले थे। शाम तक न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों ने एसएसबी से भी मदद मांगी थी।
इसके बाद वन क्षेत्राधिकारी निशानगाड़ा शिव प्रसाद और वन रक्षक शिवम सिंह के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के साथ कतर्नियाघाट के जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया। बुधवार सुबह गश्त के दौरान वन कर्मियों को जंगल के भीतर गौरी शंकर का शव क्षत-विक्षत हालत में दिखाई पड़ा।
वन कर्मियों ने सुजौली थाना प्रभारी रामगोविंद वर्मा और गौरी शंकर के परिजनों को घटना की सूचना दी। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ अमित कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। प्रथम दृष्टया हिंसक जानवर के हमले की आशंका है।