बहराइच/महसी। महसी विधायक को 22 साल पुराने मुकदमे में शुक्रवार को एफटीसी द्वितीय की अदालत ने राहत देते हुए बाइज्जत बरी कर दिया। एमपी-एमएलए कोर्ट ने विधायक को मुकदमे में दो साल की सजा सुनाई थी। विधायक की अपील पर शुक्रवार को एफटीसी द्वितीय की अदालत ने लोवर कोर्ट के आदेश को निरस्त कर दिया। विधायक के बरी होने के बाद उनके समर्थकों में जश्न का माहौल है।
महसी से भाजपा विधायक सुरेश्वर सिंह के खिलाफ वर्ष 2002 में तहसील महसी के तत्कालीन एसडीएम लालमणि मिश्रा ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने व धमकी देने आदि के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। विधायक का मुकदमा एमपी-एमएलए की अदालत में लंबित चल रहा था।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश अनुपम दीक्षित ने जनवरी 2024 में दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद विधायक को दो वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने विधायक को 25 सौ रुपये के जुर्माने से दंडित भी किया था।
हालांकि सजा सुनाए जाने के बाद विधायक ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जनपद न्यायाधीश उत्कर्ष चतुर्वेदी की अदालत में सजा के खिलाफ अपील प्रस्तुत की थी। जनपद न्यायाधीश की ओर से मुकदमे की सुनवाई न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय अनिल कुमार बारह की अदालत में स्थानांतरित कर दी गई थी।
शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश एफटीसी की अदालत ने विधायक सुरेश्वर सिंह के मुकदमे में सुनवाई पूरी करते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा दी गई दो वर्ष की सजा को निरस्त करते हुए विधायक को बाइज्जत बरी करने का आदेश सुनाया।