बहराइच। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में दुर्घटनाओं के शिकार हुए लोग और अन्य गंभीर मरीजों का इलाज करने के लिए शहर के मलेरिया अस्पताल में छह साल पहले बनाए गए ट्रॉमा सेंटर के दिन बहुरने वाले हैं। जिलाधिकारी मोनिका रानी की पहल पर सितंबर में ट्रॉमा सेंटर का संचालन शुरू हो सकता है।
शहर के चांदपुरा चौराहा के निकट पुराना मलेरिया अस्पताल में वर्ष 2016 में ट्राॅमा सेंटर बनाने के लिए शासन से मंजूरी मिली थी। 2.61 करोड़ रुपये की लागत से 40 बेड वाले ट्राॅमा सेंटर का निर्माण कार्य वर्ष 2018 में पूरा हो गया था। इसके बाद वर्ष 2020 में स्वास्थ्य विभाग को भवन हस्तांतरित कर दिया गया।
ट्रॉमा सेंटर में 61 डॉक्टर व कर्मियों की तैनाती होनी थी लेकिन अब तक न तो डॉक्टर व कर्मियों की तैनाती हुई है और न ही संसाधन ही उपलब्ध कराए जा सके। ट्रॉमा सेंटर भवन झाड़-झंखाड़ में तब्दील हो गया है। जिलाधिकारी ने इसे चालू करने के लिए कवायद शुरू कर दी है। सितंबर में इसका संचालन शुरू कराया जा सकता है।
दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को लखनऊ जाने से मिलेगी निजात
जिले में प्रतिदिन दर्जनों की संख्या में सड़क हादसे होते रहते हैं। गंभीर रूप से घायल कई मरीजों को मेडिकल कॉलेज में इलाज नहीं मिल पाता है। इससे उन्हें प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टर लखनऊ रेफर कर देते हैं। ऐसे में बहराइच से लखनऊ तक लगभग 128 किमी की दूरी तय करने में काफी समय लग जाता है जिससे मरीजों की जान खतरे में पड़ जाती है। ट्रॉमा सेंटर चालू हो जाने के बाद स्थानीय स्तर पर ही ऐसे गंभीर मरीजों को इलाज मिल सकेगा।
चल रही है कवायद
ट्रॉमा सेंटर चालू करने के लिए कवायद चल रही है। सितंबर में इसका संचालन शुरू करवा दिया जाएगा।
-मोनिका रानी, जिलाधिकारी