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Bahraich News: शिकारियों के निशाने पर ताल बघेल पर आने वाले पक्षी

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बहराइच। पयागपुर तहसील क्षेत्र स्थित प्रदेश के सबसे बड़े वेटलैंड ताल बघेल में प्रति वर्ष शरद ऋतु में हजारों विदेशी मेहमान आते हैं। इन पक्षियों का कलरव देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण व सैलानी भी आते हैं। मगर इस समय इन विदेशी मेहमानों पर स्थानीय शिकारियों की कुदृष्टि है। ये शिकारी इन विदेशी पक्षियों की बोली लगाते देखे जा रहे हैं। शिकारी विदेशी पक्षियों के मांस का सौदा कर रहे हैं। मगर वन विभाग के कर्मचारियों की गश्त दावे तक ही सीमित नजर आ रही है।
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पयागपुर तहसील में प्रदेश का सबसे बड़ा वेटलैंड ताल बघेल है। यहां प्रतिवर्ष शीतकालीन मौसम में बड़ी संख्या में साइबेरियन पक्षी हजारों किलोमीटर की लंबी यात्रा कर प्रवास के लिए आते हैं। इनमें सिपर, लालसर, निलसर, टिकी, किंगफिशर समेत दर्जनों प्रजाति के साइबेरियन पक्षी शामिल हैं।
सर्दी शुरू होते ही यह विदेशी मेहमान वेटलैंड पहुंच गए और कलरव शुरू कर दिया है। मगर इन विदेशी मेहमानों पर इन दिनों शिकारियों की कुदृष्टि है। शिकारियों ने इन बेजुबान विदेशी पक्षियों का शिकार शुरू कर दिया है।
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शिकारी जाल बिछाकर व खाद्य सामग्री में विषाक्त डालकर इन पक्षियों का शिकार कर रहे हैं। इन विदेशी पक्षियों के मांस की 400 से 1000 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक बोली लगायी जा रही है।
वेटलैंड के करीबी गांव गंगापुर व सफुलुपुरवा में शिकारियों व खरीदारों का जमघट लग रहा है। जबकि पक्षियों की सुरक्षा का बीड़ा उठाने वाले जिम्मेदार इस अवैध कारोबार से अंजान है।
वन क्षेत्राधिकारी हरिश्चंद्र तिवारी ने बताया कि शिकार रोकने के लिए रूटीन गश्त की जाती हैं। कई लोगों के विरुद्ध कार्रवाई भी की गई है। इसके बावजूद क्षेत्र में चोरी-छिपे शिकार हो रहा है। इस पर अंकुश के लिए अभियान चलाकर शिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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