बहराइच। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के अंतर्गत जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम में प्रसूताओं को भोजन वितरित करने के लिए निजी फर्म लगी हैं। इनकी ओर से जरवल और हुजूरपुर के अधीक्षक कि फर्जी हस्ताक्षर व मुहर लगाकर भुगतान के लिए सीएमओ को बिल दिया गया। हस्ताक्षर अलग होने पर सीएमओ ने जांच कराई तो दोनों फर्म द्वारा फर्जी हस्ताक्षर व मुहर लगाई गई थी। इस पर सीएमओ ने दोनों फर्म के विरुद्ध कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जरवल के मुस्तफाबाद और हुजूरपुर सीएचसी में प्रसूताओं को भोजन वितरित करवाने के लिए ठेका स्वास्थ्य विभाग ने ठेकेदारों को दिया है। ठेकेदारों की ओर से दोनों सीएचसी में भर्ती होने वाली प्रसूताओं को भोजन दिया जाता है। कोतवाली नगर में तहरीर देकर सीएमओ डॉ. सुरेश कुमार ने कहा है कि मेसर्स कॉमर्शियल ट्रेडिंग कंपनी बरहियापुरा बहराइच की ओर से सीएचसी मुस्तफाबाद और रायपुर राजा की मेसर्स एसएम ट्रेडर्स की ओर से सीएचसी हुजूरपुर में प्रसूताओं को भोजन वितरित किया जाता है। दोनों फर्म की ओर से भोजन वितरण का हस्ताक्षरित सत्यापित बिल सीएमओ कार्यालय में पखवाडे़ भर पूर्व दिया गया।
भुगतान के लिए मिले बिल में सीएचसी के अधीक्षकों के सत्यापित हस्ताक्षर बने थे। पदनाम की मुहर भी लगी हुई थी। जरवल सीएचसी अधीक्षक के हस्ताक्षर फर्जी लगने पर सीएमओ ने दोनों अधीक्षकों से जानकारी ली तो अधीक्षकों ने 23 व 24 सितंबर को दिए गए बिल में हस्ताक्षर व मुहर न लगाने की बात कही। इस पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। सीएमओ ने दोनों फर्म के विरुद्ध कोतवाली नगर में तहरीर दी। सीएमओ की तहरीर पर पुलिस ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रभारी निरीक्षक रमेश कुमार ने बताया कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।