बाघ, तेदुआ, गैंडा व हाथी से लिए मशहूर कतर्नियाघाट अब लिटिल कॉर्मोरेंट पक्षी के कारण आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। वह खास अंदाज में गोता लगाकर मछली पकड़ते हैं और फिर उसे ऊपर उछाल कर सीधे निगल जाते हैं। पर्यटकों को लिटिल कॉर्मोरेंट का यह अंदाज खास पसंद आ रहा है।
कतर्नियाघाट में साइबेरियन सारस, ब्लू टेल्डबी ईटर, रूडी सेल्डक, यूरेशियन गौरैया, रफ का भी गेरुआ नदी में झुंड दिख रहा है। सोमवार को यहां आने वाले पर्यटक उत्पल दत्त, रजनीश, पारूल, कनिका, कनक लता महेश्वरी, उत्तमा ने बताया कि लिटिल कॉर्मोरेंट कतर्निया जंगल की नई शान है।
खास-खास
-लिटिल कॉर्मोरेंट की लंबाई 80-100 सेंटीमीटर होती है।
-पंखों का फैलाव 130-160 सेंटीमीटर रहता है।
लिटिल कॉर्मोरेंट की दस्तक से कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार गुलजार है। यहां का माहौल पर्यटकों को रोमांचित कर रहा है। प्रजनन की संभावना को लेकर वन विभाग इनके वास स्थल वाले क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है। -
आशीष गौड, रेंजर कतर्नियाघाट