बहराइच। भारत-नेपाल सीमा पर जंगलों से घिरे बहराइच के भरथापुर गांव के लोगों के लिए राहत की बड़ी खबर है। नदी पार करके कच्चे रास्तों से होकर वन्य जीवों के साए में जीवन बिताने वाले इस गांव के 118 परिवारों को अब नया बसेरा मिलने जा रहा है। केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय ने भरथापुर गांव के विस्थापन के लिए 21.56 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी है। इस पहल से अब भरथापुर गांव के लोगों के दिन बहुरने वाले हैं। न सिर्फ ग्रामीणों की मुश्किलें कम होंगी, बल्कि परिवारों के लोग भी पूरी तरह से सुरक्षित हो सकेंगे।
गांव भरथापुर, जिले के मिहींपुरवा ब्लॉक के बेहद दूरस्थ वन क्षेत्र में स्थित है। यहां तक पहुंचने के लिए लोगों को कतर्नियाघाट जंगल के बीच से होकर बहने वाली गेरुआ नदी पार कर नाव से जाना पड़ता है और फिर जंगलों के बीच से होकर लंबा कच्चा रास्ता तय करना पड़ता है। यह क्षेत्र कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार का कोर जोन है, जहां बाघ, तेंदुआ, हाथी जैसे वन्यजीवों का हमेशा खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों के बच्चे न तो ठीक से स्कूल जा सकते हैं, न संकट की घड़ी में आसानी से इलाज करवा सकते हैं। इतना ही नहीं बिजली, सड़क, राशन जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी गांव के लोग तरसते हैं।
कैंपा योजना के तहत मांगी गई सहायता
भरथापुर गांव की स्थिति और वहां के निवासियों की मुश्किलों को देखते हुए पूर्व सांसद अक्षयवर लाल गोंड ने सबसे पहले गांव को अन्यत्र बसाने की पहल की थी। बाद में जब उनके पुत्र डॉ. आनंद कुमार गोंड सांसद बने तब उन्होंने इस कार्य को और गति दी। ग्रामीणों की मुश्किलों और उनकी डिमांड पर गांव के 118 परिवारों का सर्वे कराया गया, नाम की सूची शासन को भेजी गई और कैंपा योजना के तहत विस्थापन के लिए केंद्र से आर्थिक सहायता मांगी गई।
निरंतर पैरवी से ग्रामीणों के सपनों को लगे पंख
भरथापुर गांव के विस्थापन की फाइल वर्षों तक तकनीकी खामियों की वजह से शासन और प्रशासन के बीच लटकी रहीं, लेकिन 2024 में सांसद डॉ. आनंद गोंड ने खुद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मिलकर यह मामला उठाया। उन्होंने न सिर्फ पत्राचार किया, बल्कि शासन स्तर से भी अधिकारियों को लगातार फॉलोअप करते रहे। बहराइच सांसद डॉ. आनंद कुमार गोंड के लगातार प्रयासों और केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव की सकारात्मक पहल के चलते अब गांव के विस्थापन को गति मिली है।
कतर्नियाघाट दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने किया था एलान
बीते जून माह में जब केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव कतर्नियाघाट आए थे, तब सांसद गोंड ने मौके पर उन्हें भरथापुर की हालत बताई थी। मंत्री ने तुरंत भरोसा दिलाया था कि इस गांव को जल्द विस्थापित करवाने की प्रकिया तेज करवाएंगे। केंद्रीय मंत्री का वादा अब मूर्तरूप ले रहा है।
विस्थापन के लिए 21.56 करोड़ की राशि मंजूर
22 जुलाई को राष्ट्रीय कैंपा (वनरोपण निधि प्रबंधन योजना प्राधिकरण) ने 21.56 करोड़ की धनराशि राज्य कैंपा उत्तर प्रदेश को भेज दी है। धनराशि आवंटित होने के बाद अब जल्द ही ग्रामीणों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू होगी, उन्हें नए स्थान पर मकान, जमीन और अन्य मूलभूत सुविधाएं मिल सकेंगी।
गांववालों की खुशी का ठिकाना नहीं
वनरोपण निधि प्रबंधन योजना प्राधिकरण की ओर से भरथापुर गांव के विस्थापन के लिए बजट का आवंटन किए जाने से गांव के ग्रामीण बेहद खुश हैं। वर्षों की अनदेखी, जंगल की जिंदगी, बाघों का डर, बीमारियों की मार और सरकारी उपेक्षा से तंग आ चुके लोग अब एक नई शुरुआत के लिए तैयार हैं।