शहर से आठ किमी दूरी पर बसे बहादुरापुर गांव में खसरा फैल गया है। 20 बच्चे बीमारी की चपेट में है। आठ बच्चे तेज बुखार से तप रहे हैं। इनकी हालत नाजुक है। लेकिन सेहत महकमा इस ओर उदासीन बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रकोप की सूचना विभाग को दी, लेकिन अभी तक गांव डॉक्टरों की टीम नहीं पहुंची है।
बच्चों का उपचार ग्रामीण झोलाछाप डॉक्टरों से कराने को मजबूर हैं। ग्रामीणों में आक्रोश है। तराई का मौसम पल-पल बदल रहा है। इसके चलते बुखार, डायरिया व खसरा का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। देहात कोतवाली क्षेत्र में बहादुरापुर गांव में खसरे का प्रकोप तेजी से फैल रहा है।
शुरुआत में यहां बच्चों को तेज बुखार आया, इसके बाद शरीर पर दाने व लाल चकत्ते निकल आए हैं। गांव निवासी मुस्तकीम की बेटी शीबा (1), इरशाद (4), इरफान (2), फत्तेखान (2), मोहम्मद रजा (3), रानिया (6), हिना (1), शबा (6) समेत 20 बच्चे संक्रमण की जद में हैं। इनकी हालत नाजुक है।
रविवार को शबा की हालत ज्यादा बिगड़ने पर पिता मुस्तकीम ने जिला अस्पताल पहुंचाया है। वहां इमरजेंसी ओपीडी इंचार्ज व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एहतिशाम अली ने उपचार किया है। उन्होंने कहा कि बुखार व खसरा संक्रमण के कारण शबा के दिमाग पर भी असर पड़ रहा है।
गांव निवासी अजमत अली, रियाज, कय्यूम का कहना है कि संक्रमण की जानकारी सेहत महकमे को दी गई थी। लेकिन अभी तक कोई भी गांव नहीं पहुंचा है।