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बहराइच की राजनीति के पितामह थे बेनी बाबू

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बहराइच। पूर्व केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा को बहराइच की राजनीति में पितामह का स्थान हासिल था। केंद्र में रहने के बाद भी वह बहराइच की जमीनी राजनीति से हमेशा से जुड़े रहे। उनके अचानक निधन की सूचना से करीबी लोगों में शोक की लहर दौड़ गई है। बेनी बाबू कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र से लगातार चार बार सपा के टिकट से सांसद रहे थे।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा मूल रूप से बाराबंकी के रहने वाले थे। मगर उनका राजनीतिक कार्य क्षेत्र हमेशा बहराइच रहा। वह कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ते थे। वर्ष 1996 से लेकर वर्ष 2004 तक वह सपा से चुनाव लड़े और सांसद निर्वाचित हुए। इसके बाद वर्ष 2009 में होने वाले लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया और कांग्रेस के टिकट से गोंडा से चुनाव जीतने के बाद केंद्र सरकार में इस्पात मंत्री बने।
केंद्रीय मंत्री बनने के बाद भी वह बहराइच की राजनीति से कभी अलग नहीं हुए। यहां पर जरवलरोड और रिसिया में स्टील फैक्ट्री की नींव रखी। केंद्रीय दूरसंचार मंत्री रहते हुए उन्होंने बहराइच में जगह-जगह बीएसएनएल के कार्यालयों को खोलने की दिशा में काम किया। जिससे गांव-गांव तक संचार की सेवाएं पहुंच सकीं। जब उनके निधन की सूचना बहराइच के लोगों को मिलीतो करीबी लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।
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एसकेडी का किया गठन
वर्ष 2005 में सपा की सरकार उत्तर प्रदेश में बनने के बाद टकराव के हालात पैदा हो गए थे। बहराइच के महसी निवासी रामभूलन वर्मा हत्याकांड ने भूचाल ला दिया था। जिसके बाद सपा से अलग होकर बेनी वर्मा ने समाजवादी क्रांति दल का गठन कर लिया था। वह वर्ष 2007 में हुए चुनाव में खुद अयोध्या सीट से चुनाव लड़े थे। जबकि सपा के उम्मीदवारों के खिलाफ भी पूूरे प्रदेश में प्रत्याशी उतारे थे। हालांकि करारी शिकस्त के बाद एसकेडी का अस्तित्व संकट में आ गया। वह कांग्रेस में चले गए। जिस पर पार्टी ही खत्म हो गई।
मां की ननिहाल में हुए थे पैदा
पूर्व मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा का जन्म शिवपुर ब्लॉक जिला बहराइच के गांव मटेरा कला में हुआ था। ये बहुत कम लोग जानते हैं। ज्यादातर लोग बाराबंकी के सिरौली गौसपुर को ही जानते हैं। मटेरा कला में उनकी माता का ननिहाल था। जिसके कारण उस गांव से उन्हें बहुत लगाव था। उनकी मृत्यु की सूचना पर पूरे गांव में शोक की लहर है। यह जानकारी उसी गांव के निवासी उनके बेहद करीबी और उनके सांसद प्रतिनिधि रह चुके सपा के वरिष्ठ नेता जितेंद्र पाण्डेय और उनके पुत्र समाजवादी लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव अजितेश पांडेय मनी ने दी। अजितेश ने बताया काॉ पूरा गांव उनके निधन से शोक में डूबा हुआ है।
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