बहराइच। समय पर आधार कार्ड नहीं बन पाने के कारण जिले में हजारों की संख्या में लोग योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। कई विभागों का निर्देश है कि बिना आधार सत्यापन के लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ न दिया जाए। आधार बनने की प्रक्रिया भी जारी है, लेकिन जिले में आधार बनाने के उपकरणों की संख्या इतनी कम है, कि समय बीतने के बाद लाभार्थी लाभ से वंचित हो जा रहे हैं। किसान सम्मान निधि से लेकर वृद्धा पेंशन तक यहां तक बच्चों को डीबीटी का लाभ भी आधार बनने में हो रही देरी से प्रभावित हो रहा है। जिले में आधार कार्ड कुछ चयनित स्थानों में ही बन रहे हैं। जहां आधार बनवाने के लिए भीड़ भी बहुत होती है, लेकिन एक सीमा से अधिक आधार बन पाना मुश्किल हो जा रहा है। आलम यह है कि हजारों की संख्या में लोग योजनाओं के लाभ से वंचित हो गए हैं।
आधार सत्यापन के अभाव में सम्मान निधि से छूटे 1.7 लाख लाभार्थी
किसानों को खेती किसानी में आर्थिक मदद के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का संचालन किया जा रहा है। जिसके तहत किसानों को तीन किश्तों में 6,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है। इस योजना के तहत जिले के 5.29 लाख किसान लाभान्वित हो रहे थे, लेकिन सरकार की ओर से योजना में पारदर्शिता लाने के लिए योजना की 11वीं किस्त के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया था। जिसके बाद किसानों ने आधार सत्यापन करवाना शुरू किया, बावजूद इसके जिले के 1.7 लाख किसान आधार सत्यापन से छूट गए और किसान सम्मान निधि योजना की 11वीं किस्त से अछूते रह गए। हालांकि अभी भी किसान 12वीं किस्त के लिए अपना आधार सत्यापन करवा रहे हैं और धीरे-धीरे किसानों की संख्या बढ़ रही है।
डीबीटी योजना से अभी भी अछूते हैं 90 हजार बच्चे
शिक्षा का अधिकार कानून के तहत सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को शासन की ओर से निशुल्क शिक्षा, निशुल्क भोजन, निशुल्क जूता, मोजा, ड्रेस व बैग आदि दिया जा रहा है। पूर्व के वर्षों में बच्चों के जूता-मोजा, स्कूल बैग व ड्रेस आदि का पैसा विद्यालयों को भेजकर विद्यालय के माध्यम से सभी सामग्री बंटवाई जाती थी। जिसमें लगातार गुणवत्ता की शिकायतें आती थी। इस पर विराम लगाने के लिए इस बार सरकार की ओर से इसमें बदलाव करते हुए अध्ययनरत बच्चों के अभिभावकों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के तहत पैसा भेजा गया, ताकि अभिभावक बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण ड्रेस, बैग, जूता आदि खरीद सकें। डीबीटी योजना में आधार कार्ड अनिवार्य किया गया था। जिसके चलते जिले में शिक्षणरत 5.80 लाख बच्चों में से 90 हजार बच्चे डीबीटी से छूट गए और बैग, जूता, ड्रेस आदि की खरीद नहीं हो सकी।
आधार सत्यापन न होने से लटकी 47 हजार की पेंशन
समाज कल्याण विभाग की ओर वृद्धावस्था पेंशन योजना का संचालन किया जा रहा है। जिसमें बुजुर्गों को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी जाती है। लेकिन इस योजना में भी फर्जी लोगों के लाभ लेने की बातें हो रही थी, जिस पर विराम लगाने के लिए सरकार की ओर से आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। जिसके बाद लाभार्थी आधार सत्यापन करवा रहे हैं, लेकिन कई बुजुर्गों का आधार बना न होने व आधार बनने के संसाधन सीमित होने के चलते लगभग 47 हजार बुजुर्गों का आधार सत्यापन नहीं हो पाया है और सभी की पेंशन पर तलवार लटक गई है।
आधार कार्ड बनवाने के लिए करनी पड़ रही लंबी जद्दोजहद
सरकार की ओर से धीरे-धीरे करके अधिकांश योजनाओं में आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। लेकिन जिले में आधार कार्ड बनाने के साधन सीमित हैं। जिले की लगभग 40 लाख की आबादी पर सिर्फ 34 स्थानों पर ही आधार कार्ड बनने की सुविधा उपलब्ध है। जिसके चलते लाभार्थियों को आधार कार्ड बनवाने के लिए लंबी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। वहीं अगर आधार केंद्रों पर आधार बनने की बात की जाए तो एक सेंटर पर एक दिन में औसतन 30 से 40 लोगों का ही आधार कार्ड बन पा रहा है। जिसके चलते योजनाओं से वंचित लाभार्थियों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
जिले के 13 बैंक शाखाओं, सात पोस्ट ऑफिस व 14 खंड शिक्षाधिकारी कार्यालयों पर आधार कार्ड बनने व अपडेट करने की सुविधा उपलब्ध है। जहां आधार कार्ड बन रहा है। रही बात सत्यापन की तो लोग सीएससी जाकर आधार सत्यापन करा सकते हैं। -सुमित तिवारी, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर