जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित बैंकों की स्थिति अब तक नहीं सुधर सकी है। कैश के लिए उपभोक्ताओं और बैंक कर्मियों में झड़प हो रही है। शुक्रवार को बेड़नापुर में स्थित इलाहाबाद बैंक शाखा में कतार में खड़ा एक ग्रामीण बेहोश हो गया। वहीं नवाबगंज में स्थित बैंक का कैश काउंटर भीड़ की धक्कामुक्की में क्षतिग्रस्त हो गया।
इस पर कैशियर ने तीन ग्राहकों के पासबुक फाड़कर फेंक दिए। इससे झड़प की स्थिति बनी। किसी तरह पुलिस ने हालात को संभाला। अन्य बैंकों में भी कैश की कमी के कारण रह-रह कर हंगामा होता रहा। नोटबंदी के बाद से अब तक बैंकों की व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। ग्रामीण अंचलों के बैंकों में स्थिति काफी खराब है।
शुक्रवार सुबह आठ बजे से ही लोग खाते से पैसा निकालने के लिए बैंक के सामने कतार में खड़े हो गए थे। सुबह 10 बजे जब बैंक के प्रबंधक और कर्मचारी पहुंचे तो कहीं पर कैश न होने और कहीं कैश कम होने की बात बताई गई। इस पर कर्मचारियों और ग्राहकों के बीच झड़प की स्थिति बनी। जैसे-तैसे बैंकों में कामकाज शुरू हुआ।
इलाहाबाद बैंक बेड़नापुर में दोपहर एक बजे लोग कतार में लगे हुए थे। तभी ढोड़ायल गांव निवासी सेवक (48) बेहोश होकर गिर गया। उसे निजी चिकित्सक के यहां पहुंचाया गया। वहीं नवाबगंज में स्थित इलाहाबाद बैंक में भारी भीड़ के चलते धक्कामुक्की की स्थिति रही। खाताधारकों को बमुश्किल हजार-दो हजार रुपये का भुगतान किया गया।
इसी दौरान कैश काउंटर का एक हिस्सा टूट गया। इस पर कैशियर ने खाताधारकों से अभद्रता शुरू कर दी। लाइन में लगे खाताधारक इसराइल निवासी सत्तीजोर, शांती देवी निवासी जानकी गांव व विष्णु प्रसाद निवासी रामनगर की पासबुक फाड़कर फेंक दी। तीनों खाताधारकों ने कैशियर की ओर से पासबुक फाड़ने और अभद्रता करने की तहरीर थाने पर दी है।
उधर फखरपुर, महसी, कैसरगंज, जरवल, हुजूरपुर, नानपारा क्षेत्र में स्थित ग्रामीण अंचलों के बैंकों में भी कैश की कमी की समस्या बनी रही। इस कारण जगह-जगह झड़प हुई। लोगों को जरूरत के मुताबिक भुगतान बैंक से नहीं मिल सका।