महसी/हरदी। पंचायत चुनाव में लापरवाही या फिर यूं कहें कि धांधली पहले चरण के मतदान में ही उजागर हो गई। महसी के मतदान केंद्र रेहुआ मंसूर प्राथमिक विद्यालय में शनिवार को पहुंचे शिक्षामित्र को मुहर लगे पांच और एक बिना मुहर का मतपत्र मिला है।
मुहर लगे पत्रों में से तीन बीडीसी के हैं और दो जिला पंचायत सदस्य के हैं। शिक्षामित्र की सूचना पर पहुंचे तहसीलदार ने जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि मतपत्रों को सीज कर दिया गया है। संबंधित मतदान कर्मी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
पंचायत चुनाव के पहले चरण में शुक्रवार को महसी, तेजवापुर और शिवपुर में वोट डाले गए। महसी तहसील क्षेत्र के मतदान केंद्र रेहुआ मंसूर प्राथमिक विद्यालय पर लगभग तीन हजार वोटर थे। शाम पांच बजे के बाद मतपेटिका सील करते समय छह मतपत्र गिर गए या फिर इन्हें जानबूझकर छोड़ दिया गया।
शनिवार सुबह प्राथमिक विद्यालय के शिक्षामित्र आशीष कुमार ने जब कमरे का ताला खोला तो यह मतपत्र पड़े मिले। इनमें मुहर लगे तीन मतपत्र क्षेत्र पंचायत सदस्य तो दो मतपत्र जिल पंचायत सदस्य के मिले। डीडीसी के एक मतपत्र पर मुहर नहीं लगा था।
दोपहर तक शिक्षामित्र इसी ऊहापोह में रहा कि क्या करें, फिर उसने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी। मौके पर थानाध्यक्ष डीपी कुशवाहा, तहसीलदार नागेंद्र कुमार, नायब तहसीलदार हरिश्चंद्र पहुंचे।
तहसीलदार नागेंद्र कुमार का कहना है कि मतदान संख्या 150 के बूथ संख्या चार पर मतपत्रों के मिलने का मामला सामने आया है। यहां बीडीओ महसी और खंड विकास अधिकारी तेजवापुर की ड्यूटी थी। चूक कहां हुई है, इसकी जांच की जा रही है। शिक्षामित्र से भी पूछताछ की जा रही है। जो भी दोषी होगा, कार्रवाई की जाएगी।
स्ट्रांग रूम में सील हुईं मतपेटियां
बहराइच। पंचायत चुनाव के पहले चरण का मतदान कुछ घटनाओं के साथ शुक्रवार को संपन्न हो गया। इसके साथ ही 2036 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला मतपेटिकाओं में सील हो गया। शुक्रवार देर रात तक ब्लॉक मुख्यालयों पर मतपेटिकाओं को जमा किया जाता रहा।
अब एक नवंबर को स्ट्रांग रूम से मतपेटिकाएं बाहर निकाली जाएंगी। पंचायत चुनाव के पहले चरण में विकास खंड तेजवापुर, शिवपुर और महसी में नौ अक्तूबर को मतदान हुआ है। इन क्षेत्रों के 4.83 लाख मतदाताओं को मतदान करना था, लेकिन महज 64 फीसदी मतदाता ही वोट देने के लिए घरों से बाहर निकले।
इसके चलते 3.08 लाख मतदाताओं ने ही मतदान किया। मतदान के समाप्त होने के बाद पीठासीन अधिकारियों ने एजेंट व प्रत्याशियों की मौजूदगी में बक्से सील किए और इनको देर रात ब्लॉक मुख्यालयों पर जमा किया गया।
जहां पर बीडीओ व निर्वाचन अधिकारियों की देखरेख में रात एक बजे के करीब तक सभी मतपेटिकाओं को स्ट्रांग रूम में रखवा दिया गया। सहायक निर्वाचन अधिकारी एके कनौजिया ने बताया कि एक नवंबर को मतगणना होगी।