बहराइच। विष मुक्त जैविक खेती और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बालापुर गांव को नीम हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
इसके लिए बुधवार को सीडीओ ने पौध की पूजा अर्चना कर एक हजार नीम पौधरोपण का शुभारंभ किया। इस दौरान डीडीएम नाबार्ड व अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
सीडीओ ने कहा कि क्षेत्र के नीम हब के रूप में विकसित होने से बेरोजगारी भी दूर होगी।
पर्यावरण संतुलन दुरुस्त करने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए राजाराम किसान क्लब की ओर से राजकीय आलू, बीज उत्पादन प्रक्षेत्र बालापुर को नीम हब के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू की गई है।
यहां एक हजार नीम के पौध का रोपण कर उसकी छाल, बीज, पत्ती से जैविक खाद तैयार की जाएगी। साथ ही ग्रामीण स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए नीम के पेड़ आधारित कुटीर उद्योग भी लगाए जाएंगे।
इस अभियान की शुरुआत मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार ने डीडीएम नाबार्ड राजेश कुमार के साथ नीम के पौध की पूजा अर्चना कर किया।
उन्होंने कहा कि नीम के पौधरोपण से बेरोजगारी तो दूर होगी ही, पर्यावरण भी संतुलित हो सकेगा।
क्लब के प्रगतिशील कृषक रामफेर पांडेय ने बताया कि इस अभियान को परवान चढ़ाने के लिए क्षेत्र के किसानों की भी सहायता ली जा रही है।
उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र से भी सामंजस्य बनाकर कुटीर उद्योग की स्थापना होगी। इस मौके पर जिला उद्यान अधिकारी के साथ फसल अनुसंधान केंद्र के पूर्व प्रभारी डॉ. वीएन मिश्र भी मौजूद रहे।
दुलारपुर में हुआ पौधरोपण
समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ताहिर अली सलमानी ने ब्लॉक चित्तौरा के ग्राम पंचायत दुलारपुर में पौधरोपण कर लोगों को पौध लगाने के लिए प्रेरित किया।
इस मौके पर गुफरान अहमद, समीउल्ला, जहीर हसन, शराफत, मोहम्मद हनीफ, अनीस, महूमद अहमद, करामत अली, जमाल अहमद, तारिक आदि मौजूद रहे।